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मौत कब और कहाँ से आयेगी किसे पता

 पश्चिम बंगाल के मिदनापुर जिले के खड़गपुर में स्टेशन पर प्लेटफार्म नबंर 4 पर बुधवार को दो टीटी आपस में बात कर रहे थे, तभी अचानक एक कौवा जिसके पैर में पतला तार लटका हुआ था, उन दोनों के ऊपर से उड़कर आया, तार हाई वोल्टेज ट्रैक्शन के संपर्क में आते हुए टीटी के शरीर को छूते ही एक टीटी बेहोश होकर पटरी पर गिर गया। उसे अस्पताल पहुंचाया गया, देर शाम उसे होश आया परंतु बाद में उसकी मृत्यु हो गई।  

इन तारीखों में निकलेगें कृषि यंत्रों के टोकेन

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बिहार में कीड़े से फसल नुकसान पर मिलेगा मुआवजा

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बिहार सरकार की योजना  देश में सूखा , बाढ़ एवं अधिक वर्षा जैसी प्राकृतिक आपदाओं के कारण किसानों को हमेशा से नुकसान होता रहा है। प्राकृतिक आपदाओं व फसल में कीड़े लगने के कारण कभी-कभी तो किसानों की पूरी फसल ही बर्बाद हो जाती है, प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल नुकसान होने से हमारे देश के किसानों की आर्थिक स्थिति दिन प्रतिदिन काफी कमजोर होती जा रही है। बिहार के किसान अभी भी खेती करने के लिए प्रकृति पर ही निर्भर हैं। बिहार के कुछ हिस्सों में बाढ़ से फसलें बर्बाद हो जाती हैं, तो वहीं कुछ क्षेत्र में समय पर बारिश ना होने के कारण नहीं किसानों को सुखा जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ता है। प्राकृतिक आपदाओं के चलते किसानों की धान के फसल में भूरा तना मधुआ कीट रोग लग रहा है। ये रोग किसानों के लिए सिरदर्द बन गया है। इस रोग के कीड़े झुंड में फसलों पर हमला कर कुछ ही घंटों में ही किसानों की फसल चट कर जाते हैं। हालांकि बिहार के किसानों को अब इस कीट को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। इन कीटों की रोकथाम के लिए कृषि मंत्रालय ने खुद पहल की है। इसी कड़ी में बिहार की नीतीश सरकार ने भी कीड़े व अन्य रोगों की वजह से कि

कानपुर की फैक्ट्री में आग से अफरातफरी

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कानपुर/ पनकी इंडस्ट्रियल एरिया स्थित SNK पान मसाला फैक्ट्री में सुबह जेनरेटर रूम में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विक्राल रूप ले लिया यह देख वहां अफरा तफरी मच गई। दमकल की गाड़ी पहुंचने के बाद आग पर काबू पाया गया। घटना के कुछ देर बाद काम को पुन: शुरु किया गया। स्वरूप नगर निवासी नवीन कुरेदे की पनकी इंडस्ट्रियल एरिया साइट नंबर वन में SNK नाम से पान मसाला फैक्ट्री संचालित है। सोमवार की सुबह फैक्ट्री के जेनरेटर रूम में इलेक्ट्रॉनिक पैनल में शॉर्ट सर्किट होने के चलते अचानक आग लग गई। लपटें उठती देखकर फैक्ट्री में मौजूद कर्मचारी गेट से बाहर दौड़ पड़े। चंद मिनटो में अफरा तफरी मच गई। फैक्ट्री प्रबंधन की सूचना पर पहुंची दमकल की दो गाड़ियों ने आग बुझानी की प्रक्रिया शुरू की। जवानों ने पानी की बौछार करके कुछ देर में आग पर काबू पा लिया। पनकी इंस्पेक्टर अंजन कुमार सिंह ने बताया कि जेनरेटर रूम में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की बात सामने आई है। फिलहाल घटना के कुछ ही देर बाद आग पर काबू पा लिया गया है। किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। पहले कि भांति फिर फैक्ट्री में काम शुरु हो गया है।

प्रदेश की गन्ना पेराई क्षमता बढ़ी

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गन्ना फसल एवं चीनी मिलें प्रदेश की अर्थव्यवस्था और विकास में महत्वपूर्ण स्थान रखती है। इस हेतु चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग, उत्तर प्रदेश गन्ना विकास तथा गन्ना आपूर्ति को सुगम बनाने की दिशा में लगातार प्रयासरत है। उत्तर प्रदेश शासन के तमाम प्रयासों का ही प्रतिफल है कि प्रदेश की चीनी मिलों एवं खाण्डसारी इकाईयों की पेराई क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए प्रदेश के अपर मुख्य सचिव, चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास श्री संजय आर. भूसरेड्डी ने बताया कि प्रदेश की चीनी मिलों की गन्ना पेराई क्षमता में वृद्धि एवं किसानों को समय से गन्ना पेराई की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। पेराई क्षमता में वृद्धि होने से चीनी मिलों की दैनिक पेराई क्षमता बढ़ जायेगी। इससे गन्ना पेड़ी फसल की शीघ्र आपूर्ति चीनी मिलों को हो सकेगी तथा किसानों द्वारा गेहूँ एवं अन्य फसलों की बुवाई समय से की जा सकेगी। इससे गन्ना किसानों को न केवल प्रति इकाई अधिक उत्पादन प्राप्त होगा वरन पेराई सत्र का समापन भी समय से हो सकेगा। उन्होंने बताया कि पेराई सत्र 2022-23 हेतु गन्ने की

गेंदा की खेती में मृदा जनित रोग प्रबंधन

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डॉ. एस.के .सिंह डॉ. राजेंद्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा , समस्तीपुर बिहार फूलों को खेती में खासकर गेंदा की खेती बहुत तेजी से लोकप्रिय हो रही है । भारतवर्ष के लगभग सभी राज्यों में  इसकी खेती की जाती हैं। भारत में गेंदा की खेती लगभग 50 से 60 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में की जाती हैं, जिससे लगभग 5 लाख  मिट्रिक टन से अधिक फूलों का उत्पादन होता हैं। भारत में गेंदे की औसत उपज 9 मिट्रिक टन प्रति हेक्टेयर हैं। गेंदा  नर्सरी से  लेकर फूलों की तुड़ाई तक कई प्रकार के रोगजनको यथा कवक, जीवाणु तथा विषाणु जनित रोगों से ग्रसित होता हैं। जिसकी वजह से फूलों की उपज में होने वाली कमी रोग के प्रकार, पौधों की संक्रमित होने की अवस्था एवं वातावरणीय कारकों पर निर्भर करता हैं। आजकल इनके नियंत्रण हेतु फफूंदनाशकों तथा अन्य रासायनिक पदार्थों का उपयोग अंधाधुंध हो रहा हैं, जिससे जैव-विविधता एवं पारिस्थितिक तंत्र को क्षति पहुँच रही हैं तथा मृदा की स्वास्थ्य बिगड़ रही हैं। अतः इन्हें कम से कम क्षति पहुँचाते हुए रोगों का प्रबंधन केवल एकीकृत रोग प्रबंधन द्वारा ही संभव हैं। गेंदा की खेती में प्रमुखता से लगनेव

इफको नैनो यूरिया के के दाम घटे

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इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव लिमिटेड (इफको) द्वारा एक दिवसीय मंडलीय सहकारी संगोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन होटल आभा रीजेंसी रामघाट रोड अलीगढ़ में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री अरविंद कुमार दुबे उपायुक्त एवं उप निबंधक सहकारिता अलीगढ़ मंडल तथा अध्यक्षता संयुक्त कृषि निदेशक अलीगढ़ मंडल अलीगढ़ श्री राकेश बाबू द्वारा की गई। इफको के राज्य विपणन प्रबंधक श्री अभिमन्यु राय, उप महाप्रबंधक विपणन लखनऊ श्री जसवीर सिंह, उप महाप्रबंधक आगरा श्री एस के सिंह, उपनिदेशक भूमि संरक्षण श्री हरेंद्र मिश्रा सहित मंडल के चारों जनपद अलीगढ़ हाथरस एटा एवं कासगंज के उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता, भूमि संरक्षण अधिकारी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी, उप संभागीय कृषि अधिकारी, जिला सहकारी बैंकों के महाप्रबंधक, इफको के क्षेत्र अधिकारी तथा इफको की सहयोगी संस्थाओं के अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का आयोजन एवं संचालन इफको के क्षेत्रीय प्रबंधक अलीगढ़ बी के निगम द्वारा किया गया। राज्य विपणन प्रबंधक इसको श्री अभिमन्यु राय ने आज घोषणा की कि इसको स्थापना दिवस 3 नवंबर के शुभ अवस