देश में मानसून हुआ सक्रिय


27 से 30 जून तक सूखा रहेगा मौसम


उत्तर भारत मे काली घटाओं के साथ झमाझम बरसने को तैयार हो रहा मॉनसून।


पिछले 3 दिनों में उत्तर भारत मे बिखरी हुई हल्की से मध्यम बारिश जारी है। जो कि अगले 2 दिन और जारी रहेगी। उसके बाद सक्रिय प्रणालीयो की उपस्तिथीयों के कारण उत्तर भारत मे बारिश की गति व तीव्रता जोर पकड़ेगी, जिसके साथ उत्तर भारत के ज्यादातर भागो में मॉनसून का आगाज़ भी हो जाएगा। 


मौसमी प्रणालीयाँ


★ कल शाम से एक मध्यम दर्जे का प०वि० उत्तर भारत की प्रभावित करना शुरू करेगा। जो 23 जून की शाम से 27 जून तक उत्तर भारत मे असर दिखाएगा।


★ दक्षिण-पुर्वी उत्तरप्रदेश पर सक्रिय चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। जो समय के साथ सक्रिय होता रहेगा।


★ एक निचली स्तर का चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र उत्तरी ओड़िशा पर बना हुआ है।


★ एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र दक्षिण गुजरात व साथ लगते इलाको पर बना हुआ है।


★ एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र अगले 24 से 48 घण्टों में पश्चिमी व उत्तरपश्चिम राजस्थान पर बनेगा।


 एक द्रोणिका उत्तरपश्चिम पंजाब से उत्तरपश्चिम बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। जिसके कारण आने वाले दिनों में उत्तर भारत मे अच्छी बरसात होगी।


 इन सब मौसमी कारको के मोजूद होने के कारण अगले 24 घण्टो में अंदर अवध प्रदेश, बुंदेलखंड, मध्य प्रदेश के कुछ भागो,पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड में मॉनसून दस्तक दे सकता है।


अगले 48 से 72 घण्टो के अंदर जम्मू कश्मीर, लद्दाख, गिलगित व बाल्टिस्तान, हिमाचल प्रदेश, पंजाब के ज्यादातर भागों, चंडीगढ़, दिल्ली, सम्पूर्ण यूपी, मध्य व पुर्वी हरियाणा, पुर्वी व दक्षिण राजस्थान, सम्पूर्ण मध्यप्रदेश, पुर्वी गुजरात के भागों व बचे हुए अरब सागर में मॉनसून का आगाज़ होने की पूरी-पूरी संभावना है।


23 जून यानी आज से जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पुर्वी पंजाब, पुर्वी हरियाणा, सम्पूर्ण यूपी, दिल्ली, दक्षिण व पुर्वी राजस्थान, पश्चिम मध्यप्रदेश, गुजरात मे हल्की से मध्यम बारिश की शुरुआत हो जाएगी। कई जगह भारी बारिश की भी उम्मीद है।


24 जून से 27 जून के बीच पंजाब, हरियाणा, उत्तरी-पुर्वी-मध्य-दक्षिण राजस्थान, सम्पूर्ण यूपी, मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड में मॉनसून सक्रिय रहेगा। ज्यादातर जगह मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जाएगी। विशेष जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश भी सम्भव है। 


इस भारी बारिश के दौर से राजस्थान के पश्चिमी जिले अछूते रहेगे, जिनमे श्रीगंगानगर, बीकानेर, जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, नागौर व जालोर जिले शामिल हैं। हालांकि इन जिलो में हल्की बारिश की गतिविधियां जरूर होगी। भाग्यशाली जगहो पर भारी बारिश भी संभव है। 


27 जून के बाद बारिश की गतिविधियों में एकदम से कमी आएगी। मॉनसून की अक्षीय रेखा हिमालय की तलहटी इलाको में चली जाएगी। जिसके कारण बारिश जम्मू कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड, पुर्वी पंजाब, उत्तरी हरियाणा, हिमालय से लगते पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी। 


शेष उत्तर भारत मे साफ व गर्म मौसम की दोबारा वापसी होगी। साथ ही मध्य भारत मे भी कुछ दिन के लिए साफ मौसम हो जाएगा।


मॉनसूनी बारिश के दौर को दोबारा शुरू करने के लिए बंगाल की खाड़ी में 2 से 3 जुलाई के आसपास एक निम्न दबाव का क्षेत्र बनेगा। जो उत्तर- उत्तरपश्चिम दिशा की तरफ रुख कर सकता है। 


मध्य-पुर्वी व मध्य भारत में 1 जुलाई से बारिश की गतिविधियां के रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है। वही एक मध्यम दर्जे का प०वी० भी 3 जुलाई के आसपास उत्तर भारत पहुँच सकता है। जिससे उत्तर भारत के 3 जुलाई से 7 जुलाई के बीच हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।