उत्तर प्रदेश  के 33 जनपद होंगे  नशा मुक्त


राज्य सरकार ने भारत की महत्वाकांक्षी योजना नेशनल एक्शन प्लान फाॅर ड्रग्स डिमाण्ड रिडक्शन के अन्तर्गत उ0प्र0 के 33 जनपदों में नशा मुक्ति भारत अभियान लागू किये जाने हेतु राज्य स्तरीय नशा मुक्ति अभियान समिति के गठन की स्वीकृति प्रदान कर दी है।
समाज कल्याण विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य स्तरीय नशामुक्ति भारत अभियान समिति मंे अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव समाज कल्याण की अध्यक्षता में 13 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। जिसमें प्रतिनिधि डी0 जी0 पुलिस उ0प्र0, प्रतिनिधि संयुक्त सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव स्वास्थ, प्रतिनिधि नारकोटिक्स कन्ट्रोल ब्यूरो,  प्रतिनिधि प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा विभाग, प्रतिनिधि प्रमख सचिव शिक्षा विभाग, प्रतिनिधि महिला एवं बाल विकास विभाग, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग/मीडिया, ड्रग्स के क्षेत्र में कार्य करने वाली स्वैच्छिक संस्था
(प्रमुख सचिव समाज कल्याण द्वारा नामित), सेवानिवृत्त वरिष्ठ सिविल सेवक (प्रमुख सचिव द्वारा नामित), सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा नामित राज्य स्तरीय समन्वयक एजेन्सी, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा नामित राज्य कोओर्डिनेटर पी एम यू, सदस्य तथा निदेशक, समाज कल्याण सदस्य/सचिव बनाये गये हैं।
इस समिति का कार्य होगा कि नशामुक्त भारत अभियान के तहत राज्य के अभियान गतिविधियों को तैयार करना, राज्य में चिन्हित संवेदनशील जिलों में जिला स्तरीय नशामुक्त अभियान का सूत्रीकरण व क्रियान्वयन कराना, जिला स्तरीय नशामुक्त अभियान के कार्यन्वयन को देखते हुए मार्गदर्शन कराना, सामुदायिक भागीदारी और सार्वजनिक सहयोग बढ़ाने के लिए, राज्य स्तर, जिला स्तर और नीचे जिला स्तर पर सेवा प्रदाताओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना, राज्य अभियान और उसी के निहितार्थ एक सोशल मीडिया रणनीति तैयार करना, तैयारियों और कार्यान्वयन के मूल्यांकन के लिए संस्थानों/अस्पतालों का दौरा करना, किसी भी शैक्षणिक संस्थान के 100 मीटर के दायरे में सिगरेट की बिक्री पर प्रतिबन्ध को सख्ती से लागू करना, ड्रग्स की उपलब्धता/बिक्री के बारे में जानकारी प्राप्त करना और सूचनाओं पर की गयी कार्यवाही की समीक्षा करना प्रमुख है। राज्य स्तरीय नशामुक्त भारत अभियान कमेटी की बैठक दो माह में एक बार किये जाने का प्राविधान है।