न्यूनतम समर्थन मूल्य पर   13,128.12 करोड़ रुपये का भुगतान 

खरीफ विपणन सत्र (केएमएस) 2020-21 काफी पहले शुरू हो चुका है। सरकार द्वारा अपनी मौजूदा एमएसपी योजनाओं के अनुसार किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीफ 2020-21 फसलों की खरीद भी जारी है जैसे कि, विगत वर्षों में की जाती रही है।भारतीय खाद्य निगम ने अन्य सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर मौजूदा खरीफ विपणन सत्र (केएमएस) 202021 के दौरान दिनांक 15 अक्टूबर 2020 तक विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 6.09 लाख किसानों से 69.53 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की है। इनमें पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, उत्तराखंड, चंडीगढ़, केरल तथा जम्मू और कश्मीर के किसान शामिल हैं। अब तक का कुल न्यूनतम समर्थन मूल्य भुगतान 13,128.12 करोड़ रुपये रहा है।



इसके अलावा राज्यों से मिले प्रस्ताव के आधार पर तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना, गुजरात, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और आंध्र प्रदेश राज्यों से खरीफ विपणन सत्र 2020 के लिए 41.67 लाख मीट्रिक टन दलहन और तिलहन की खरीद को भी मंजूरी दी गई। इसके अतिरिक्त आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल राज्यों से 1.23 लाख मीट्रिक टन खोपरा (बारहमासी फसल) की खरीद के लिए भी स्वीकृति प्रदान की गई है। यदि अधिसूचित कटाई अवधि के दौरान संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बाजार दर एमएसपी से नीचे चली जाती है, तो राज्य की नोडल एजेंसियों के माध्यम से केंद्रीय नोडल एजेंसियों द्वारा इन राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के अंतर्गत दलहन, तिलहन और खोपरे की खरीद के प्रस्तावों की प्राप्ति पर भी मंजूरी दी जाएगी, ताकि वर्ष 2020-21 के लिए अधिसूचित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर पंजीकृत किसानों से सीधे इन फसलों के एफएक्यू ग्रेड की खरीद की जा सके।


 सरकार ने अपनी नोडल एजेंसियों के माध्यम से 723.79 मीट्रिक टन मूंग और उड़द की खरीदएमएसपी मूल्यों पर की है। इस प्रकार तमिलनाडु, महाराष्ट्र और हरियाणा के 681 किसानों को 5 करोड़ 21 लाख रुपये की आय हुई है। इसी तरह से 5089 मीट्रिक टन खोपरा (बारहमासी फसल) की खरीद कर्नाटक और तमिलनाडु राज्यों से की गई है। इस दौरान 3961 किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर लाभान्वित करते हुए 52 करोड़ 40 लाख रुपये की अदायगी की गई है। खोपरा और उड़द की फसल के लिए, अधिकांश प्रमुख उत्पादक राज्यों में एमएसपी पर या उससे ऊपर की दर पर भुगतान किया जा रहा है। संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारें खरीफ दलहन और तिलहन के संबंध में आवक के आधार पर संबंधित राज्यों द्वारा तय तिथि से खरीद शुरू करने के लिए आवश्यक व्यवस्था कर रही हैं।



खरीफ विपणन सत्र 2020-21 के दौरान बीज कपास की खरीद 1 अक्टूबर 2020 से शुरू हो गई थी और भारतीय कपास निगम द्वारा 15 अक्टूबर 2020 तक न्यूनतम समर्थन मूल्य के तहत 1,18,064 गाठों के लिए 24,001 किसानों को लाभान्वित करते हुए 33,353.62 लाख रुपए की अदायगी की गई है।



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