सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सड़कों के किनारे संचालित अवैध ढाबों को हटाया जाये- प्रमुख सचिव परिवहन

 

प्रदेश के प्रमुख सचिव परिवहन श्री आर0के0 सिंह ने कहा है कि सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सड़कों के किनारे संचालित अवैध ढाबों को हटाया जाये, इनके स्थान पर वैध तरीके से ढाबों की स्थापना सुनिश्चित कराई जाये। इसके साथ ही मार्गों पर गति सीमा बोर्ड एवं रोड मार्किंग कराई जाये। मार्गों पर पड़ने वाले आबादी क्षेत्र में प्रकाश की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। उन्होंने कहा कि हाई-वे के किनारे रोड से सटे हुए ढाबों के कारण अक्सर जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है और यह दुर्घटना का कारण भी बनती है। इसकी रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाये जायें। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग द्वारा 1374 अवैध ढाबों को चिन्हित किया गया था जिसमें से 1218 अवैध ढाबे हटाये जा चुके हैं, अवशेष बचे ढाबों का कार्य प्राथमिकता से किया जाये। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार लो0नि0वि0 (एन0एच0), एन0एच0आई0, यूपीडा, यीडा, उपशा तथा नगर निकाय द्वारा चिन्हित अवैध ढाबों को हटाने की कार्यवाही समयबद्ध सुनिश्चत की जाये। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि सड़कों पर गलत दिशा से आने वाले वाहनों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाये।

प्रमुख सचिव ने कहा कि दुर्घटना का प्रमुख कारण ब्लैक स्पाॅट भी है। इसलिए जो भी ब्लैक स्पाॅट चिन्हित किये गये हैं उनका समयबद्ध तरीके से सुधारीकरण किया जाये। साथ ही इसकी सूचना से भी अवगत कराया जाये। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि अवशेष बचे ब्लैक स्पाॅट के सुधारीकरण कार्य को हर हाल में जुलाई 2021 तक पूर्ण किया जाये। इसी प्रकार उन्होंने एन0एच0ए0आई0 सहित इस कार्य से जुड़े सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ब्लैक स्पाॅट के सुधारीकरण का कार्य तय समय सीमा के अन्दर पूर्ण किया जाये।  सभी सड़क निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए कि अपेक्षित चिन्हित स्थानों पर कै्रश बैरियर स्थापित किए जाये। वाहनों की ओवर स्पीडिंग पर रोकथाम के लिए स्पीड कैमरों की स्थापना कराई जाये। उन्होंने निर्देश दिए कि आगरा एक्सप्रेस वे की तरह एन0एच0आई0 के मार्गों पर भी दो टूल बूथों के मध्य समय सीमा निर्धारित करते हुए समय से पहले पहुंचने पर वाहनों के चालान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। उन्होंने यह भी कहा कि ओवर लोडिंग के विरूद्ध कड़ाई से कार्रवाई की जाये। टोल प्लाजा से प्राप्त ओवर लोडिंग संबंधी डाटा को ई-चालान से एकीकृत करते हुए वाहनों के विरूद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाये।