’नारी का सम्मान भारत की संस्कृति का अंग

 अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर ‘शक्ति अवार्ड्स’ का आयोजन गोमतीनगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में हुआ। यह कार्यक्रम सेवा धाम संस्था द्वारा आयोजित किया गया। इसमें विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया।

इस खास मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा मौजूद थे। दिनेश शर्मा ने कार्यक्रम की शुरुआत द्वीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। जिसके बाद उन्होंने सैनिट्री नैपकिन वेंडिंग मशीन का उद्घाटन किया। इस मौके पर संस्था की अध्यक्ष अमृता ऋषि, सचिव अरविंद शर्मा, कोषाध्यक्ष पीके मिश्रा ने उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा को स्मृति चिन्ह प्रदान करके सम्मानित किया।

इस मौके पर उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई देते हुए सभी सम्मानित महिलाओं को शुभकामनाएं दीं। दिनेश शर्मा ने कहा कि 1910 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को दर्जा मिलने के बाद भारत में इसे अनवरत मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिला उत्पीड़न को रोकने के लिए 1090 सक्रिय है। महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी व आत्मविश्वास के साथ खड़ी होंगी तभी अपने परिवार का पालन-पोषण करेंगी और इससे देश व समाज आत्मनिर्भर बनेगा। समाज में महिलाओं के योगदान को नकारा नहीं जा सकता। परिवार की रीढ़ नारी है। एक सभ्य सुसस्कृत शिक्षित नारी ही सचमुच में देश, समाज व परिवार को स्वर्ग बना सकती है।  
उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृति व सभ्यता में महिलाओं का सम्मान युगों-युगों से होता चला रहा है। यहां द्रौपदी का अपमान होने पर महाभारत हो गई, तो सीता का अपमान होने पर रामायण हो गई। भारतीय सभ्यता व संस्कृति की अमूल्य धरोहर है हमारे देश की नारी। यहां तक कि पृथ्वी के साथ ही दिव्य शक्तियों में भी सर्वप्रथम नारी का सम्मान दिया गया है। हमारे देश में ईश्वर के नाम के पहले देवी शक्ति का नाम पहले लिया जाता है जैसे कि सीताराम, लक्ष्मीनारायण, गौरीशंकर, राधेश्याम, राधेकृष्ण, उमाशंकर आदि। उन्होंने कहा कि शास्त्रों के अनुसार स्त्री का अपमान करने पर रावण जैसे शक्तिशाली एवं बाहुबली का सर्वनाश हो गया।

इस मौके पर उन्होंने कहा कि नारी का सम्मान भारत की संस्कृति का अभिन्न अंग है। केंद्र व राज्य सरकार के लिए भी नारी का सम्मान सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे आकर सहयोग कर रही हैं। महिला अब असहाय नहीं हैं, वो अगर ठान लें, तो कुछ भी कर सकती हैं। ये गर्व का विषय है कि वे आत्मनिर्भर होकर परिवार भी चला रही हैं।

डॉ. शर्मा का कहना था कि परिवार को संवारने में एक महिला की भूमिका सबसे अधिक है। एक अच्छे परिवार के लिए महिला का शिक्षित एवं संस्कारी होना बहुत आवश्यक है, इसीलिए सरकार बालिका शिक्षा पर विशेष जोर दे रही है। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान हमेशा से ही महिलाओं को सम्मान देने के लिए होती रही हैंम डिप्टी सीएम ने कहा कि सरकार महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही है। प्रदेश सरकार ने इसके लिए मिशन शक्ति के नाम से अभियान चलाया है। जो महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा व सशक्तिकरण के लिए समर्पित है।

दिनेश शर्मा ने यहां पर प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही योजनाओं के बारे में भी बताया। उन्होंने मिशन शक्ति, सुमंगला कन्या योजना और एन्टी रोमियो स्क्वाड का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बालिकाओं के उज्जवल भविष्य के लिए सरकार ने कन्या सुमंगला योजना के तहत 1200 करोड़ रूपये का प्राविधान किया है। इस योजना की पात्र बालिकाओं को लैपटाप भी दिया जायेगा। महिला सशक्तिकरण के लिए प्रदेश के 1535 थानों में महिला पुलिस बूथों का गठन किया गया जिसमें पीड़ित महिलाओं की तत्काल सुनवाई होगी। साथ ही माध्यमिक शिक्षा विभाग बालिकाओं के लिए आवासीय विद्यालय संचालित करेगा। जहां पर बच्चों को रहने तथा खाना मुफ्त मिलेगा।  

‘सेवा धाम संस्था’ साल 2008 से मासिक धर्म के बारे में महिलाओं को जागरूक करने का काम कर रही है। इसकी अध्यक्ष अमृता ऋषि लोगों के बीच जाकर मासिक धर्म के बारे में महिलाओं को शिक्षित करने व जागरूकता फैलाने का कार्य सालों से करती चली आ रही हैं। अमृता ऋषि का मानना है कि महिलाओं को स्वास्थ्य एवं स्वच्छता का ख्याल रखना चाहिए, जिससे वह सशक्त बन सकें। सेवा धाम संस्था की ओर से महिलाओं के सशक्तिकरण का काम वर्षों से चल रहा है और इस संस्था द्वारा महिलाओं को मुफ्त में सैनिट्री पैड देने का कार्य चल रहा है।

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