लखनऊ, सरोजनी नगर विकास खंड के मौदा गांव की कृषि योग्य जमीन खतरे में


लखनऊ,  सरोजनी नगर विकास खंड के तहत मौदा गांव की जमीनों पर है भाजपा MLC बुक्कल नवाब की पैनी नज़र। ग्रामीणों व ग्राम प्रधान संगीता के विरोध के बावजूद चकबंदी अधिकारी जबरन कर रहे हैं पैमाइश।

ग्राम प्रधान संगीता ने बताया स्थानीय किसान अपनी अधिकांश जमीन बेंच चुके हैं। कृषि योग्य जमीन की प्लानिंग करके किसान बेंच चूके हैं। जो बाकी हैं उन्हें बेंचना चाहते हैं। इसलिए प्रधान संगीता की अगुआई में किसान चकबन्दी अधिकारियों से पैमाइश के लिए मना कर रहे हैं। लेकिन अधिकारी बुक्कल नवाब के दबाव में पैमाइश के लिए तटस्थ हैं। वहीं किसानों की जमीन प्लाट के रुप में खरीद चुके अपनी जमीनों की दाखिल खारिज भी करा चूके हैं। 

 किसानों से या फिर प्रॉपर्टी डीलर से सभी ने अपनी जमीन का रजिस्ट्री कराकर वहां पर दाखिल खारिज कराकर 143 करके उसको कृषि योग्य भूमि से आवासीय करा लिए हैं। 

उसके बावजूद भारतीय जनता पार्टी के विधान परिषद सदस्य बुक्कल नवाब वहां पर चकबंदी अधिकारियों पर सरकार का रुतबा दिखाकर आउटर रिंगरोड निकलने के कारण बेशकीमती किसानों की जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं। 

जबकि ग्राम प्रधान संगीता ने भी लिखित रूप से चकबंदी अधिकारियों को वहां पर पैमाइश करने से मना किया  उनके गांव की जनता व किसान अपने खेतों को प्लाट के रूप में बेंच चुकी है।

बुक्कल नवाब अधिकारियों को ऊपर वहां पर चकबंदी की पैमाइश करने के लिए अनावश्यक रूप से दबाव बना रहे हैं। चकबंदी अधिकारी भी इस पशोपेश में पड़े हैं कि आखिर हम ग्राम प्रधान की चिट्ठी की बात पर अमल करें या भारतीय जनता पार्टी जो कि उत्तर प्रदेश सरकार में है उसके विधान परिषद सदस्य बुक्कल नवाब के दबाव में कार्य करें।

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