ड्रैगन फ्रूट उगायें, अच्छा लाभ कमायें

 बाराबंकी जनपद के बिशुनपुर मोहम्मद पुर गांव के निवासी गया प्रसाद मौर्या ने जिले में ड्रैगनफ्रूट की खेती की शुरुआत करके एक नयी इबारत लिखी है। 

गया प्रसाद मौर्या का गांव देवाशरीफ के पास पड़ता है। वह बताते हैं कि मैं नवीं तक ही पढ़ाई कर सका। 2.5 एकड खेत में गेहूं धान सब्जियों के साथ देशी गुलाब फूल की खेती करता हूँ जो देवा शरीफ मे नियमित रूप में वर्ष भर 50रूपये प्रति किलो की दर में घर ही से बिक जाता है। वे गुलाब जल भी बनाते हैं। श्री मौर्या बताते हैं कि सुगंधित गुलाब जल के लिए रानीसाहिबा एवं नूरजहाँ प्रजाति उपयुक्त है। 

श्री मौर्या 4 वर्ष पूर्व लखनऊ किसान मेले से एक पौधा ड्रैगनफ्रूट का लाये थे । उसमें 6 फल लगे जो देखने में आकर्षक खाने में स्वादिष्ट तथा पौष्टिक थे। इसकी खेती में न तो अधिक उर्वरक, बीज कृषि रसायनों की आवश्यकता है, न ही जानवरों द्वारा नुकसान होता है । नागफनी के कुल का पौधा होने के कारण कम पानी की आवश्यकता होती है ।मात्र 1 हेक्टेयर जमीन होने के कारण वे अपने परिवार की आवश्यकता भर खाद्यान्न फसलों की तथा व्यावसायिक रूप में गुलाब, ग्लेडिलस गेंदा फूलों,सभी सब्जियों तथा सहजन की खेती करते हैैं । काला गेहूं, तथा काला चावल भी उगाते हैं ।

ड्रैगनफ्रूट के पौधे 10×10 फुट पर लगने के कारण काफी स्थान मिल जाता है बीच में धनिया पालक प्याज के लिए पर्याप्त स्थान मिल जाता है ।

[ ] इफको के बायो डीकम्पोजर से फसल अवशेषों को सडाने, बर्मी कम्पोस्ट, जैव उर्वरकों के साथ कम्पोस्ट का प्रयोग करते हैं । जीवामृत, घनजीवामृत तैयार करते हैं ।जो उर्वरकों के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।वे इफको के समस्त उत्पादों का प्रयोग शुरुआत से ही करते हैं ।ड्रैगनफ्रूट की खेती में समस्त जल विलेय उर्वरकों सागरिका अमीनो एसिड का ही उपयोग होता है । बीमारी के रूप में फंगस लगता है । समय समय पर फंगस की दवाओं का प्रयोग किया जाता है । ड्रैगनफ्रूट के पौधे 25 वर्षो तक जीवित रहते हुए फल दे सकते हैं । फलस्वरूप प्रति वर्ष फसल की लागत में कमी होती जाती है और लाभ बढता जाता है । इफको के जल विलेय उर्वरकों सागरिका अत्यंत सस्ते विश्वसनीय तथा प्रभावी हैं । इन्होंने नैनो यूरिया (नि:शुल्क) का प्रयोग किया है ।

 वर्तमान समय में 1000 पौधों में फल आ रहा है। श्री मौर्या बताते हैं कि  17/7/ 21 तक 975 किलो फल लखनऊ मंडी भेजा है र 300 रुपये की दर से अब तक 2,92,500 रुपये प्राप्त हुए हैं । अभी नवम्बर तक 40 कुन्तल फल प्राप्त होने की संभावना है। बाराबंकी जनपद में ड्रैगनफ्रूट की खेती की शुरुआत गया प्रसाद मौर्या ने ही की है। प्रदेश के बनारस, कुशीनगर, गोरखपुर, बलरामपुर, फैजाबाद, लखनऊ रायबरेली, सीतापुर,जालौन आदि जिलों से किसान इनकी इस खेती को देखने सीखने तथा इसके बारे में जानकारी हेतु आते हैं  । 

[ ] इफको के राज्य विपणन प्रबन्धक श्री अभिमन्यु राय, एस.पी. सिंह, एस. एन. त्रिपाठी आशीष वर्मा जी ने हमारे फार्म का भ्रमण एवं अवलोकन किया ड्रैगनफ्रूट की प्रेरणा कैसे, कहाँ से मिली जानकारी लिया । हमारा उत्साहवर्धन किया । इफको के जल विलेय उर्वरकों सागरिका उत्पादों के सफल प्रयोग से उत्पादन व गुणवत्ता पर प्रभाव को समझाया । इफको के जल विलेय उर्वरकों सागरिका नैनो उर्वरकोंके प्रयोग का परिणाम फलों की चमक ,वजन चटक रंग तथा मिठास सब पर होता है ।यह सभी अधिकारियों ने देख कर , चखकर जाना । 

[ ] अबतक एक फल का वजन 800 ग्राम अभिलेखों में बताया गया है ।मेरे फलों का वजन 750 ग्राम तक है । वह बताते हैं कि यह इफको के,एन पी के खाद19:19:19,13;0:45,0:52:35,,0;0:50 के साथ सागरिका के छिड़काव का प्रभाव है । इन्हें इफको द्वारा प्रोत्साहन रूप में जल विलेय उर्वरक,सागरिका तरल प्रदान किया गया । 

[ ] श्री मौर्या बताते हैं कि किसान भाईयों को मेरी सलाह है कि ड्रैगनफ्रूट की खेती करें, यह अत्यंत लाभकारी नकदी खेती है । पौध की व्यवस्था मेरे यहां भी है,आप बाहर से भी मँगा सकते हैं । प्रति पौधा कीमत रूपये 75  है । 

 किसी भी जानकारी तथा सलाह के लिए श्री मौर्या का मेरा मोबाइल नंबर:-9919257513 ,9119974955 है।