जड़ी-बूटियां की आसानी से उपलब्धता के लिए स्थापित होंगी कौशल वाटिकाएं

100 वर्ष से पुराने वृक्षों को हेरिटेज वृक्ष के रूप में सूचीबद्ध किया जाएगा !


उत्तर प्रदेश के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  ने ‘‘30 करोड़ वृक्षारोपण जनआंदोलन- 2021‘‘ के तहत आज एक दिन में 25 करोड़ 21 लाख वृक्षारोपण किये जाने हेतु प्रदेश वासियों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा कि वृृक्षारोपण लक्ष्य की प्राप्ति माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के कुशल मार्ग दर्शन में सम्भव हुई हैै। मुख्यमंत्री जी की ‘‘वन मैन-वन ट्री‘‘ की अपील को प्रदेश की जनता ने सर-माथे पर लिया और प्रदेश में इतने वृहद स्तर पर वृक्षारोपण कर इतिहास रचने का कार्य किया गया है।
  प्रदेश में कोविड-19 महामारी की वजह से जान गवाने वाले लोगों की याद में हर गाॅव में स्मृतिवन लगाया जाएगा। लोगों को गिलोई आदि जड़ी-बूटियां आसानी से उपलब्ध हो सके इसके लिए कौशल वाटिकाएं स्थापित करायी जाएगी। साथ ही 100 वर्ष से पुराने वृक्षों को हेरिटेज वृक्ष के रूप में सूचीबद्ध किया जाएगा।
 प्रदेश  में सड़क किनारे विशेषकर एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय  राजमार्ग, राज्य राजमार्ग तथा राश्ट्रीय राजमार्ग व सर्विस लेन के बीच हरित पट्टी विकसित किये जाने की  श्रृंखला  में मा0 मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ जी द्वारा ग्रीन फील्ड पूर्वान्चल एक्सप्रेस-वे सुल्तानपुर में हरीशंकरी का पौधा रोपित किया गया। इस अवसर पर पंचवटी, नक्षत्र वाटिका एवं नवग्रह वाटिका सभी में एक-एक पौधा  उनके कर कमलों द्वारा रोपित किया गया। तत्पष्चात सुलतानपुर जनपद के बड़ाडाड़ विकास खण्ड तहसील बल्दीराय में देव स्थान के पास स्थित विरासत वृक्ष ‘‘बरगद‘‘ की पूजा-पाठ कर परिक्रमा की तथा अमरूद, महुआ, हरसिंगार आदि के पौधे वितरित किए। साथ ही उत्तर प्रदेश  यूपीडा ने वन विभाग से क्रय किये गये 30 हजार पौधे निकटवर्ती ग्राम वासियों को वितरित किये। इस वृहद स्तरीय वृक्षारोपण से ग्राम वासियों को फल, चारा, इमारती लकड़ी व औशधियाॅं मिलेगी।
 वन विभाग द्वारा विकसित क्वीक कैप्चर एप के माध्यम से वृक्षारोपण स्थलों की जिओटैगिंग  की गई। ग्राम वासियों की आय में वृद्धि हेतु ग्राम पंचायत की भूमि पर इमारती एवं फलदार पौधों का रोपण किया गया। खाद्य सुरक्षा व पोशण के लिए मिड डे मील में उपयोग करने हेतु प्रदेश  के विद्यालयों में सहजन के पौधों का रोपण किया गया।उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण जन आन्दोलन 2021 के अन्तर्गत 30 करोड़ वृक्षारोपण कार्यक्रम कुपोषण निवारण, जैवविविधता संरक्षण एवं प्रतिरोधक क्षमता वृद्धि पर केन्द्रित है। इसके तहत पोशक तत्व तथा प्रतिरोधक क्षमता वृद्धि वाली प्रजातियां यथा- बेल, ऑवला, जामुन, कटहल, पपीता, खजूर, अगस्त, सहजन, गम्भारी, अनार आदि के रोपण को प्राथमिकता दी गयी। साथ ही वृक्षारोपण में जैवविविधता संरक्षण हेतु 100 से अधिक प्रजातियों का रोपण किया गया।
 वन विभाग द्वारा गंगा व 80 सहायक नदियों के किनारे 1.30 करोड़ से अधिक पौधे रोपित किये गये। सड़क किनारे विषेशकर एक्सप्रेस-वे, राश्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग आदि के किनारे रोपण को प्राथमिकता दी गयी। अन्य 26 विभागों द्वारा अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए 17.87 करोड़ पौध डी0एस0टी0 (Direct  Seedling Transfer) प्रक्रिया के माध्यम से वन विभाग की पौधषालाओं से प्राप्त कर वृक्षारोपण में उपयोग किया गया। वृक्षारोपण से संबंधित समस्त कार्यो का अनुश्रवण आनलाईन पी0एम0एस0 (Plantation monitoring system) एवं एन0एम0एस0 (Nursery management syste) के माध्यम से वन विभाग मुख्यालय स्थित कमाण्ड सेन्टर से किया गया।
 वृक्षारोपण कार्यक्रम में पौराणिक/ऐतिहासिक महत्व के वृक्षों तथा परम्पराओं व मान्यताओं से जुडे़ विरासत वृक्षों के चयन की कार्यवाही की गयी। वन विभाग द्वारा प्रदेश  के समस्त 75 जनपदों में 28 प्रजातियों के 947 विरासत वृक्षों का चिन्हीकरण करते हुए उनका संरक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण जन आन्दोलन 2021 में प्रदेश में 30 करोड़ पौधा रोपण से भविष्य में स्थापित होने वाले वृक्ष लगभग 12.50 करोड़ नागरिकों की आक्सीजन आवश्यकता के लिये पर्याप्त है।

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