अमृत महोत्सव यानी आत्मनिर्भरता का अमृत

 

कर्यालय उप कृषि  निदेशक उन्नाव के प्रांगण में देश  की आजादी का 75 स्वतन्त्रता दिवस अमृत महोत्सव के रूप में मनाया गया । इस आयोजन में जिला पंचायत अध्यक्षा श्रीमती शकुन सिंह, मा0 विधायक सदर श्री पंकज गुप्ता, जिलाधिकारी श्री रवीन्द्र कुमार , उप कृशि निदेषक उन्नाव डा0 मुकुल तिवारी, जिला कृषि  अधिकारी श्री कुलदीप कुमार मिश्रा, जिला कृषि  रक्षा अधिकारी श्री विकास शुक्ला, भूमि संरक्षण अधिकारी श्री देवेन्द्र कुमार वर्मा, उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी सदर श्री विकास किशोर, जिला उद्यान अधिकारी एवं कृषि विज्ञान केन्द्र धौरा के कृषि  वैज्ञानिक डा0 धीरज तिवारी तथा डा0 जय कुमार यादव उपस्थित हुए। कार्याक्रम का  शुभारम्भ जिला पंचायत अध्यक्षा एवं जिलाधिकारी उन्नाव ने दीप प्रज्वलित करके किया । महोत्सव में जनपद के उन्नतशील कृषक 16, जैविक खेती करने वाले 5 कृषक , 5एफ0पी0ओ0, 5 पशुपालक और 6 औद्यानिक फसलों की खेती करने कृषकों  को अंग वस्त्र एव प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। 

महोत्सव में आये हुए कृशकों को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्षा ने बताया कि कृषि  विभाग के सहयोग से जनपद के कृषकों द्वारा कृषि  की उन्नतशील कृषि  तकनीक को अपना कर फसलोत्पादन को बढाया है  जिससे कृषकों की आय में वृद्वि हुई है । 

मा0 विधाक सदर ने कसानों को बताया कि जनपद का उन्नाव के कृषि  विभाग के कर्मचारी निरन्तर कृष कों की सेवा में तत्पर है इनके सहयेग से ही उन्नाव के 98 प्रतिषत कृशकों को किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है जनपद के कृषकों में जैविक खेती के प्रति जागरुक हुए साथ ही जैविक खेती का क्षेत्रफल और उत्पादन में वृद्वि हुई। जनपद के बहुत से किसान जीवमृत, बीजमृत, घनजीवामृत, दसपर्णी अर्क आदि बना कर अपनी फसलों मे प्रयोग करके जैविक फसलोत्पादन को बढाकर उन्हें बेच कर अपनी आय को बढा रहे है। 

जिलाधिकारी उन्नाव ने उद्बोधन बताया कि जनपद में कृशि विभाग के सहयोग से जैविक खेती को मिली और विगत वर्ष चलाये के मॉडुल  पराली लो खाद दो  को निरन्तर चलाने की आवश्यकता  है यह माडूल प्रदेश  में बल्कि पूरे देश  प्रसिद्वि प्राप्त किया है साथ उन्होंनेे उप कृषि  निदेशक उन्नाव से कहां कि इस वर्ष इस कार्यक्रम की तैयारी पहले से ही कर ले हर किसान को पता होना चाहिए की उन्हें किस गो-शाला में पराली देना है । साथ ही उन्होंने कृशकों से अपील की इस वर्ष एक भी पराली जलाने की घटना न हो।

उप कृषि  निदेशक उन्नाव ने बताया दिनांक 13 अगस्त, 2021 को भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ को मनाने के लिए सशस्त्र बलों और रक्षा मंत्रालय के विभिन्न अन्य संगठनों द्वारा आयोजित प्रमुख कार्यक्रमों की एक श्रृंखला का आभासी ढंग से शुभारंभ किया, जिसे आजादी का अमृत महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है , इतिहास साक्षी है कि किसी राष्ट्र का गौरव तभी जाग्रत रहता है जब वो अपने स्वाभिमान और बलिदान की परम्पराओं को अगली पीढ़ी को भी सिखाता है, संस्कारित करता है, उन्हें इसके लिए निरंतर प्रेरित करता है। किसी राष्ट्र का भविष्य तभी उज्ज्वल होता है जब वो अपने अतीत के अनुभवों और विरासत के गर्व से पल-पल जुड़ा रहता है। फिर भारत के पास तो गर्व करने के लिए अथाह भंडार है, समृद्ध इतिहास है, चेतनामय सांस्कृतिक विरासत है। इसलिए आजादी के 75 साल का ये अवसर एक अमृत की तरह वर्तमान पीढ़ी को प्राप्त होगा। एक ऐसा अमृत जो हमें प्रतिपल देश के लिए जीने, देश के लिए कुछ करने  के लिए प्रेरित करेगा। हमारे वेदों का वाक्य है- मृत्योः मुक्षीय मामृतात। अर्थात, हम दुःख, कष्ट, क्लेश और विनाश से निकलकर अमृत की तरफ बढ़ें, अमरता की ओर बढ़ें। यही संकल्प आजादी के इस अमृत महोत्सव का भी है। आजादी का अमृत महोत्सव यानी- आजादी की ऊर्जा का अमृत, आजादी का अमृत महोत्सव यानी  स्वाधीनता सेनानियों से प्रेरणाओं का अमृत। आजादी का अमृत महोत्सव यानी , नए विचारों का अमृत। नए संकल्पों का अमृत। आजादी का अमृत महोत्सव यानी  आत्मनिर्भरता का अमृत। और इसीलिए, ये महोत्सव राष्ट्र के जागरण का महोत्सव है। ये महोत्सव, सुराज्य के सपने को पूरा करने का महोत्सव है। ये महोत्सव, वैश्विक शांति का, विकास का महोत्सव है।