उर्वरक निर्माता कम्पनियां को लक्ष्य आवंटित

प्रदेश के कृषि मंत्री, श्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा है कि प्रदेश के सभी जनपदों में रासायनिक खाद यूरिया, डी0ए0पी0 तथा एन0पी0के0 पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। कहीं भी यूरिया खाद की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि उर्वरक निर्माता कम्पनियां आवंटित लक्ष्य के सापेक्ष अवशेष यूरिया की शीघ्र आपूर्ति सुनिश्चित करायें। प्रदेश के जिन जनपदों में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष उर्वरकों की उपलब्धता कम है, वहां प्राथमिकता के आधार पर आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। किसी भी जनपद में उर्वरक की कमी के कारण कोई कठिनाई नहीं होनी चाहिए।

कृषि मंत्री आज यहां विधान भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में कृषि विभाग के अधिकारियों एवं खाद निर्माता कम्पनियों के साथ बैठक में प्रदेश में उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण के सम्बन्ध में समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है तथा इसीके दृष्टिगत किसानों को उर्वरक की उपलब्धता भी सुनिश्चित करा रही है। उन्होंने उर्वरक निर्माता कम्पनियों को निर्देशित करते हुये कहा कि वे प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र साधन सहकारी समितियों को उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करायें।
बैठक में बताया गया कि माह अगस्त हेतु निर्धारित लक्ष्य 35.50 लाख मी0टन के सापेक्ष अब तक 30.61 लाख मी0टन यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित की जा चुकी है। कुल उपलब्ध यूरिया के सापेक्ष खरीफ सीजन 2021 में अब तक 20.09 लाख मी0टन यूरिया का वितरण किया जा चुका है और 10.41 लाख मी0टन यूरिया अवशेष है। इसके अतिरिक्त 4.74 लाख मी0टन डी0ए0पी0 तथा 1.91 लाख मी0टन एन0पी0के0 खाद की उपलब्धता है। इस प्रकार प्रदेश में कहीं भी उर्वरक की कोई कमी नहीं है।
कृषि मंत्री ने कहा कि यदि कोई उर्वरक डीलर खाद विक्रेताओं को यूरिया के साथ किसी अन्य सामग्री या उर्वरक की खरीद के लिए बाध्य करेगा तो सम्बन्धित डीलर के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जायेगी और यदि आवश्यकता पड़ी तो उसका लाइसेन्स भी निरस्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उर्वरक एवं खाद वितरण में पूर्ण पारदर्शिता रखी जाये, किसी भी प्रकार की अनियमितता पाये जाने पर सम्बन्धित के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी। उन्होंने विशेष सचिव सहकारिता को निर्देशित करते हुये कहा कि सहकारी समितियों पर कर्मचारी की उपस्थिति के सम्बन्ध में तिथि व समय अंकित करते हुये सूचना चस्पा करायी जाए, ताकि जानकारी के अभाव में उर्वरक क्रेताओं की भीड़ एकत्रित न होने पाए।