गो संरक्षण संबर्धन क्षेत्र में आ रही समस्याओं का आयोग से करायें निराकरण

उ0प्र0 गोसेवा आयोग द्वारा प्रदेशव्यापी गोशालाओं का निरीक्षण अभियान को गति प्रदान करते हुये  उ0प्र0 गोसेवा आयोग के उपाध्यक्ष,  जनपद बाराबंकी स्थित वृहद गो संरक्षण केन्द्र, निबलेट बाराबंकी, राजकीय पशुधन प्रक्षेत्र, चकगंजरिया तथा अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल, खजूर गांव का निरीक्षण किया गया। निबलेट कृषि फार्म बाराबंकी में सरकार के द्वारा चार है0 जमीन वृहद गो संरक्षण केन्द्र के लिये दी गयी। एक करोड़ बीस लाख के प्रोजेक्ट में चार शेड, दो भूसा गोदाम, एक कार्यालय बनाया गया, जिसमें लगभग 340 गोवंश संरक्षित हैं। सभी गोवंशों की टैगिंग तथा बैक्सीनेशन का कार्य पूर्ण हो चुका है। आश्रय स्थल के संचालक ने बताया कि गो आश्रय स्थल की ऊसर भूमि को चारागाह बनाने का प्रयास हो रहा है तथा भविष्य में चारागाह बनाकर स्वयं अपने संसाधनों से आश्रय स्थल को स्वावलम्बी बनाया जायेगा।

राजकीय पशुधन प्रक्षेत्र, चकगंजरिया में लगभग 975 गोवंश संरक्षित हैं। भारत की पांच लैब में से एक लैब यहां पर है, जिसमें आई0बी0एफ0 प्रणाली से भ्रूण प्रत्यारोपित किया जाता है। यह बिलुप्त हो रही प्रजाति साहीवाल के संरक्षण एवं संवर्धन के लिये विशेषकर कार्यरत है। उपाध्यक्ष द्वारा साहीवाल नस्ल की गायों के संरक्षण एवं संवर्धन तथा इस नस्ल पर किये जा रहे शोध कार्य की सराहना की गयी। अस्थायी आश्रय स्थल खजूर गांव में वर्षा ऋतु में होने वाली कठिनाइयों से गोवंश को बचाने हेतु प्रबंध करने के निर्देश दिये और दिख रहे दलदल पर रबिस डाले जाने हेतु निर्देशित किया गया।
गोवंश आश्रय स्थल में संरक्षित गोवंश के संरक्षण एवं संवर्धन में आ रही कठिनइयों से अवगत होने के पश्चात गो संरक्षण समिति की बैठक कलेक्ट्रेट, बाराबंकी में आहूत की गयी। बैठक में उपाध्यक्ष, उ0प्र0 गोसेवा आयोग द्वारा जिलाधिकारी, मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी तथा गोशालाओं के सक्षम अधिकारियों को निर्देशित किया कि आ रही समस्याओं को जिला स्तरीय समिति की बैठक में प्रस्तुत किया जाये, जिसको जिलाधिकारी महोदय द्वारा निराकरण किया जा सके। उपाध्यक्ष उ0प्र0 गोसेवा आयोग ने यह भी कहा कि हिन्दु युवा वाहिनी/विश्व हिन्दु महासंघ के अधिकारियों/पदाधिकारियों/भाजपा कार्यकर्ताओं की 11 सदस्ययी टीम बनायी जाये जिसे गो संरक्षण समिति की बैठकों में विशेष रूप से आमंत्रित किया जाये ताकि क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं से अवगत हुआ जा सके। यह भी निदेर्शित किया कि गो संरक्षण संबर्धन क्षेत्र में आ रही समस्याओं को आयोग के संज्ञान में लाकर शीघ्र उनका निराकरण करायें।