कई रोगों की दवाई है चौराई

 मानव जाति चौराई उपभोग सब्जी के रूप में करते है , यह  स्वास्थ्य के मानों वरदान हो ये सब्जी मानव शारीर के बीस तरह के विकारों को दूर करके लाभान्वित करता है । चौराई अन्नत औषधीय गुणों से परिपूर्ण है । इसीलिए सब्जियों में चौराई का महत्वपूर्ण स्थान है।

चौराई सामान्तः लाल एवं हरे दो के पत्तों वाली होती है। ये पित्त और कफ को नष्ट  करके रक्त विकार दूर करती हैं। पेट और कब्ज के लिए चौराई का साग सर्वोउत्तम माना गया है। चौराई की सब्जी का नियमित रूप से अपने भोजन में शामिल करने से त्वचा ,वात व रक्त के विकार दूर होते हैं। सबसे बड़ी बात है कि चैराई सभी प्रकार के विषों को निष्क्रिय कर देती है। इसे हम विश विनाशक भी कह सकतें है। चौराई के पत्तों और डंठल में पौष्टिक तत्वों की भरपूर मात्रा पाई जाती है। पेट और कब्ज के लिए चौलाई रामवाण मानी गयी है।

चौराई में प्रोटीन, कैल्शियम कार्बोहाइड्रेट, और विटामिन-ए, मिनिरल्स और आयरन भरपूर मात्रा में मिलता है। और तो और चौराई  में सोना धातु भी विद्यमान है जो और किसी साग-सब्जी में नहीं पाया गया है । चौराई के पाँचों अंग पंचांग यानि पांचों अंग- जड, डंठल, पत्ते, फल, फूल औषधीय गुणों से परिपूर्ण है । इसके तना एवं  पत्तियों में प्रोटीन, खनिज, विटामिन ए, सी प्रचुर मात्रा में है । चौराई की पत्तियों को किसी भी प्रकार के चर्म रोग में पीस कर दो सं तीन सप्ताह लेपने से ठीक हो जाता है। शरीर में अगर के किसी भी अंग में यदि रक्त स्राव हेा रहा हो और बंद न हो रहा हो तो लाल पत्ते वाली चौलाई की जड़ को पीस कर पानी के साथ पी लेने से रक्त स्राव रुक जाता है। यदि एक बार पीने से न रुके तो बारह घंटे बाद दुबारा पीने पीने की सलाह दी गयी है। चाहे गर्भाशय से खून बह रहा हो या मल द्वार से या बलगम के साथ ये सभी प्रकार के विकारों में फायदेमंद बताई गई है। लोगों का मानना है कि गर्भवती को खून दिखाई दे तो ऐसी दसा में इसे फौरन पी लने से गिरता गर्भ को कोई हानि नही होगी। जिन स्त्रियों को गर्भ गिरने की बीमारी हो उनकों मासिक धर्म के समय चौलाई की जड को़ रोज पीस कर चावल के पानी के साथ पीने की सलाह दी गयी है।

शारीरिक सूजन को कम करें

चौलाई (ऐमरैन्थ) के तेल और पेप्टाइड (अमीनो अम्लों की छोटी श्रृंखलाओं को पेप्टाइड कहते हैं ) में एंटी-इफ्लेमेंटरी गुण होता है जो शरीर के दर्द और सूजन को आसानी से कम करने में मद्दगार है। ये पुरानी स्थितियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है जहां सूजन स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।

फोड़ा -फुंसी 

फोड़े-फुंसी पर चौलाई के पत्तों का पेस्ट बना कर लगाने से फोड़ा जल्द पक कर फूट जाता है और अगर है तो सूजन वालें  स्थान पर इसका लेप लगानेे से सूजन खत्म हो जाती है।

 चौराई से कम करे शारीरिक वजन

प्रोटीन रक्त में इंसुलिन के स्तर को कम कर और हार्मोंन की बढ़ोत्री करके आपकी भूख को दबा देता है जिसके कारण आपको भूख कम महसूस होती है । चौलाई में 15 प्रतिशत प्रोटीन होता है जो कि वजन घटाने में सहायक सवित होता हैं।

ब्लड प्रेशर को कम करें 

वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, ऐमरैन्थ (चौलाई) में मौजूद रेशा  और फिटोन्यूट्रीएंट्स नामक तत्व ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करते है। जिससे यह कोलेस्ट्रॉल, सूजन और ब्लड प्रेशर के साथ प्रभावी ढ़ंग से लड़ता है और ह्दय की सेहत के लिए भी प्रभावी होता है।

शरीर में खून की अल्पता दूर करें 

औषधि के रूप में चौलाई की जड़, पत्ते और बीज सभी काम में लाये जाते है। इसकी पत्तियों और बीजों में प्रोटीन, विटामिन ए और सी प्रचुर मात्रा में होता है। ऐमरैन्थ यानि चैलाई का साग एनिमिया रोग से लड़ने का सबसे कारगर उपाय है। इसके सेवन से शरीर में रक्त की कमी दूर होती है। शरीर में खून की कमी को दूर करने के लिए इसका सेवन सब्जी या सूप के रूप में करें।

 चौराई कैंसर को भी रोकती है

चौराई (ऐमरैन्थ) में मौजूद पेप्टाइड्स शरीर में सूजन को खत्म करने के साथ कैंसर के विकास को रोकने में प्रभावी ढंग से मददगार साबित होती है। इसमें मौजूद रोग प्रतिरोधी क्षमता कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त होने से बचाता है जिसकी वजह से ये कैंसर को रोकने में मदद मिलती है।

चौराई बहुत ही सुपाच्य होती है 

ऐमरैन्थ में मौजूद फाइबर और अमीनो एसिड के कारण यह पचाने में बहुत आसान होता है। इसमें मौजूद फाइबर कारण यह आंतों से चिपके हुए मल को निकालकर उसे बाहर धकेलने में मदद करता है जिससे पेट साफ होता है और पाचन संस्थान को शक्ति मिलती है। इसी कारण से इसे पारंपरिक रूप से बीमारी से उबर रहे मरीजों को दिया जाता है।

पेशाब में जलन को राकने में सहायक

पेशाब में होने वाली जलन को शांत करने के लिए चौलाई के रस का सेवन करने से मूत्रवृध्दि होती है और पेशाब की जलन ठीक होती है।

खूनी बवासीर 

खूनी बवासीर हो अथवा मूत्र में खून आता हो  तो चौलाई के पत्ते पीस कर मिश्री में मिलाकर शरबत के रूप में तीन दिनों पीने से राहत मिलती  है।

प्रतिरक्षा प्रणाली को बढावा 

चौराई का एक और स्वास्थ्य लाभ यह भी है कि मौजूद आवश्यक विटामिन, खनिज और शक्तिशाली एंटी-ऑक्सीडेंट हमारे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को ठीक रखने में मदद करते है। इसलिए अगर आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर है तो आपको चौराई को लेने पर विचार करना चाहिए।

 यौवन सुधारना के लिए 

स्त्रियों  को अपना यौवन सुधारना हो तो अरहर की दाल के साथ चौराई की सम्पूर्ण भाग अर्थात पत्ती , तना एवं जड़ को पका कर चालीस दिनों तक खायें 

 एनर्जी बूस्टर 

चौराई में लाइसिन मात्रा बहुत अधिक होने के कारण ये कैल्शियम को अवशोषित करने के लिए शरीर की मदद करता है। जिसकी वजह से चौलाई मांसपेशियों के निर्माण और शारीरिक ऊर्जा उत्पादन में सहायक होती है।

 बालों को सफेद होने से रोकता है 

यदि आपके बाल असमय सफेद होते है जिससे आप चिंतित हैं तो आपकी चिंता का समाधान है चौराई । ये बालों को असमय सफेद होने से रोकने के लिए काफी प्रभावी उपाय है। चौराई को अपने आहार में नियमित रूप से शामिल कर आप इस समस्या से छुटकारा पा सकते है। 

 पथरी 

चालीस दिनों तक प्रतिदिन चौराई का साग खाने से पथरी गल के पेशाब के साथ बाहर हो जाती है।