’सम्मान-कौशल से भविष्य निर्माण

 75वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में ’’सम्मान-कौशल से भविष्य निर्माण’’ के मूल मंत्र के साथ उत्तर प्रदेश डिजाइन एवं शोध संस्थान तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त तत्वाधान में 2 माह के डिजाइन डेवलपमेंट ट्रेनिंग कार्यक्रम का शुभारम्भ लखनऊ जनपद के राजकीय महिला शरणालय परिसर में किया गया। इस दौरान बास्केट वीविंग क्राफ्ट, राजकीय बालगृह (बालिका) में हैण्ड इम्ब्राइडरी-मेडप क्राफ्ट एवं राजकीय बालगृह (बालक) में वुडेन ट्वाइज क्राफ्ट का प्रदर्शन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से निराश्रित बालक एवं बालिकाओं को कौशल एवं तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

     अध्यक्षा, उत्तर प्रदेश डिजाइन एवं शोध संस्थान श्रीमती क्षिप्रा शुक्ला, एवं प्रमुख सचिव, महिला एवं बाल विकास श्रीमती वी0 हेकाली झिमोमी, द्वारा सभी बाल गृहों में जाकर क्राफ्ट प्रशिक्षण कार्यक्रमों का शुभारम्भ किया गया, जिसमें निराश्रित बालक एवं बालिकाओं द्वारा भी उत्साहपूर्वक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
     श्रीमती क्षिप्रा शुक्ला ने निराश्रित बालक एवं बालिकाओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि इन बच्चों के समक्ष सबसे बडी चुनौती है कि 18वर्ष की उम्र के पश्चात् ये इन गृहों से निकलकर जब समाज की मुख्य धारा से जुडेंगे तो वे किस तरह जीविकोपार्जन करेंगे। इस समस्या के समाधान हेतु ’’सम्मान-कौशल से भविष्य निर्माण’’ का अनूठा सपना लिए यू0पी0आई0डी0आर0, लखनऊ इन बालक/बालिकाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान कर नयी तकनीकी से जोड़ेगा, साथ ही बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद बनवाकर मार्केट लिंकेज प्रदान कर बालक एवं बालिकाओं को समाज की मुख्यधारा से जोडने का प्रयास करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के ’’आत्मनिर्भर भारत’’ एवं ’’वोकल फॉर लोकल’’ कार्यक्रमों के मूल मंत्र को आगे बढ़ाते हुए यू0पी0आई0डी0आर0 द्वारा निराश्रित गृहों में चलाए जा रहा डिजाइन वर्कशाप कार्यक्रम समाज को एक नई मंजिल की ओर ले जायेगा।
     श्रीमती हेकाली द्वारा कार्यक्रम में सम्मिलित बच्चों से ट्रेनिंग कार्यक्रम में समग्र रूप से भाग लेकर हुनरमंद बनने के लिए प्रोत्साहित किया तथा यह भी बताया कि बच्चांे द्वारा ट्रेनिंग के उपरान्त बनाए गए उत्पादों को यू0पी0आई0डी0आर0 ऑनलाइन प्रदर्शनी के माध्यम से सीधे बाजार से जोड़ने का भी प्रयास करेगा। यू0पी0आई0डी0आर0 का यह सराहनीय प्रयास बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव रखने के क्रम मेें एक मील का पत्थर साबित होगा।