जहाँ सांप को धान का देवता माना जाता है


किसान भाइयों,जापान में सांप को धान का देवता माना जाता है.  वसंत ऋतु में पानी से भरे धान के खेत में सांप प्रायः दिखाई दे जाते हैं. जापान में यह मान्यता है जहाँ सांप है वहां पानी तो होगा. इसे जल का देवता माना जाता है. धान कि खेती के बारे में एक लोककथा प्रसिद्ध है. एक बूढ़े किसान की तीन पुत्रियाँ थीं. वह खेती बाड़ी करके अपने परिवार का पालन पोषण करता था. एक दिन वह धान के खेत पर जाता है तो देखता है धान का खेत सूखा पड़ा है. पानी न होने के कारण उसके धान के खेत निष्प्राण हो चुके थे. अगले कई दिनों की निगरानी में भी पानी न होने के कारण किसान की खेती पर की गई मेहनत बेकार जाने वाली थी साथ ही परिवार के ऊपर अन्न का संकट भी आने वाला था. तभी  उस बूढ़े किसान के मन में न जाने क्या विचार सूझा वह दुखी मन से बोल पड़ा जो मेरे खेत को पानी से लबालब भर देगा उससे  मै अपनी एक बेटी ब्याह दूंगा. यह कहकर वह घर लौट आया. दूसरे दिन जब वह अपने धान के खेत पर गया तो उसके आश्चर्य का ठिकाना न रहा. 
उसका धान का खेत पानी से लबालब भरा और धान का खेत लहलहा रहा था. तभी बूढ़ा किसान बोल उठा जिसने उसके खेत में पानी लगाया है वह सामने आये. तभी एक सांप उसके सामने आता है और किसान  से कहता है आपके खेत में मैंने पानी भरा है अब अपने कथन के अनुसार अपनी पुत्री मुझे दो ! सांप की बात सुनकर बूढ़ा किसान दुखी मन से घर जाता है और अपनी बात अपनी बेटियों के सामने रखता है . बड़ी और मंझली बेटी सांप से विवाह को मना कर देती है लेकिन छोटी बेटी सर्प से ब्याह करने को तैयार हो जाती है. तभी उसके सामने वही सांप आता है और थोड़ी देर बाद एक सुंदर राजकुमार में बदल जाता है. बूढ़े किसान की छोटी बेटी को स्वछन्द और स्वाधीन दुनिया तरफ ले जाता है. 



यह लोककथा जापानी किसानो की कृषि के प्रति समर्पण भाव को दर्शाती है. जापान की कुल भूमि क्षेत्र का लगभग १६ः भाग समतल है. यह मानव आवास और खेती के काम में लाया जाता है. यहाँ जोत की औसत उपलब्द्धता १.२ हेक्टेयर की है. कई किसान बहुत छोटे भूमि के मालिक हैं. इन खेतों में उनके बच्चे और औरतें भी कृषि कार्य में मदद करते हैं. पुरुष अक्सर निकटवर्ती शहरों में दूसरे कामो द्वारा भी जीविकोपार्जन में लगे रहते हैं. जापान के गर्म मानसूनी क्षेत्र में एक वर्ष में सामान्यतया तीन फसलें उगाई जाती है जबकि कुछ स्थानों पर सिर्फ एक ही फसल ली जाती है. वैसे तो जापान का खाद्य उत्पादन देश के लिए पर्याप्त नहीं पड़ता लेकिन यहाँ के किसान कठिन परिश्रम और आधुनिक तकनीकी के माध्यम से अन्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में लगे हैं. सोपानी खेती, सिंचाई उर्वरक और आधुनिक तकनीकी का प्रयोग जापान कृषि व्यवस्था की पहचान है.



 सब्जियों और फलों की कम्प्यूटर नियोजित खेती होती है. जापान की होंडा और टोयटा कंपनियों का नाम तो दुनिया का हर कोई जानता है लेकिन इनका मतलब अगर आप जानेंगे तो आपको पता चलेगा यहाँ के लोग खेती के प्रति कितने समर्पित है. होंडा का मतलब होता है, मुख्य धान का खेत  टोयटा का शाब्दिक अर्थ होता है बम्पर फसल वाला धान का खेत. जापान में एक हवाई अड्डा है जिसका नाम है नरोटा, इसका शाब्दिक अर्थ होता है लहलहाता धान का खेत. काश हिन्दुस्तान के उद्यमी, प्रशासनिक अमला, और राजनीतिज्ञ भी हमारे देश में कृषि के प्रति इतना समर्पण दिखाते ?
 


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