किसानों को मिल धान विक्रय का लाभकारी मूल्य 

 


किसानों की हितैषी प्रदेश सरकार, किसानों की आर्थिक उन्नति व उनकी आय दोगुनी करने के लिए अनेकों योजनायें एवं नीतियां लागू कर उन्हें लाभान्वित कर रही है। प्रदेश के मा0 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की सोच है कि प्रदेश के अन्नदाता किसानों की जब आर्थिक स्थिति मजबूत होगी तो प्रदेश और देश की भी आर्थिक उन्नति होगी। किसान गर्मी, धूप, बरसात, सर्दी में कड़ी मेहनत कर फसल का उत्पादन करता है। फसल की जुताई, बुआई, सिंचाई, गुड़ाई, उर्वरक डालने सहित उसकी कटाई, मड़ाई कर जब अन्न तैयार करता है तो उसमें किसान सहित उसके पूरे परिवार का श्रम लगा होता है। ऐसी कड़ी मेहनत और लगन से जब फसल तैयार होती है तो किसान को उसका वाजिब मूल्य भी मिलना चाहिए। प्रदेश सरकार ने किसानों की मेहनत को दृष्टिगत रखते हुए खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में मूल्य समर्थन योजनान्तर्गत धान के क्रय हेतु कामन श्रेणी के धान का मूल्य 1815 रु0 प्रति कुन्तल एवं ग्रेड-ए श्रेणी के धान का मूल्य 1835 रु0 प्रति कुन्तल निर्धारित किया है। इसके साथ ही क्रय केन्द्रों पर धान की उतराई, छनाई के लिए भी 20 रु0 प्रति कुन्तल की दर से मूल्य के साथ ही किसान के बैंक खाते में सीधे भुगतान किया जा रहा है।

प्रदेश सरकार ने मूल्य समर्थन योजनान्तर्गत क्रय किये जा रहे धान की बड़ी पारदर्शी व्यवस्था की है। धान क्रय केन्द्रों पर धान की विक्री हेतु किसानों को खाद्य विभाग के पोर्टल fcs.up.gov.in पर अनिर्वाय रूप से पंजीकरण कराने की व्यवस्था की गई। पंजीकरण कराते समय किसान की भूमि एवं बोये गये धान का रकबा, बैंक खाता नम्बर, बैंक की शाखा सहित नाम आदि विवरण ऑनलाइन भरा जाता है। राजस्व विभाग की भूलेख सम्बंधी वेबसाइट से लिंकेज देकर ऑनलाइन सत्यापन भी किया जाता है। प्रदेश सरकार की इस  पारदर्शी व्यवस्था से दलालों, बिचैलियों गलत ढंग से धान बेचने वाले लोगों को दूर रखा गया है। किसान सीधे क्रय केन्द्रों पर अपना धान लाकर बेच रहे है। और सरकार द्वारा निर्धारित दर पर उनके बैंक खाते में आर0टी0जी0एस0 के माध्यम से 72 घंटे के अन्दर धान मूल्य का पूरा भुगतान किया जा रहा है। प्रदेश सरकार की धान क्रय नीति से किसानों को उनकी उपज का उचित और लाभकारी मूल्य मिल रहा है।

प्रदेश सरकार ने धान क्रय की अवधि भी निर्धारित किया है। लखनऊ सम्भाग के जनपद हरदोई, सीतापुर, लखीमपुर तथा बरेली, मुरादाबाद, मेरठ सहारनपुर, आगरा, अलीगढ़, झाँंसी मण्डलों में धान की क्रय अवधि 01 अक्टूबर 2019 से 31 जनवरी 2020 तक तथा लखनऊ मण्डल के जनपद लखनऊ, रायबरेली, उन्नाव तथा चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, देवीपाटन, बस्ती, गोरखपुर, आजमगढ़, वाराणसी, मिर्जापुर एवं प्रयागराज मण्डलों में 01 नवम्बर से 29 फरवरी 2020 तक धान क्रय किये जा रहे हैं। धान क्रय केन्द्रों पर किसानों को छाँव, पानी, बैठने व अन्य आवश्यक सुविधायें भी दी जा रही हैं। सरकार की मंशा है कि किसान अधिक से अधिक क्रय केन्द्रों पर आकर अपना धान बेचें और सरकार द्वारा दी जा रही उचित एवं लाभकारी मूल्य प्राप्त करते हुए अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करें।

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