कुछ प्राकृतिक चीजों  का प्रयोग कर दूर भगाएं मोटापा


शारीरिक सक्रियता की कमी होने पर मोटापे जैसी समस्याओं को हम आमंत्रित कर देते हैं। मोटापा दुनियाभर में एक महामारी के तौर पर देखा जा रहा है। हालिया  प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार दुनियाभर में करीब 160 करोड़ लोग अधिक वजन व करीब 40 करोड़ लोग मोटापे की विकराल समस्या से ग्रस्त हैं।



ये समस्या वयस्कों के अलावा बच्चों में भी जबरदस्त देखी जा रही है। वर्तमान में दुनियाभर में करीब 15 करोड़ से ज्यादा बच्चे सामान्य से ज्यादा वजन के हैं जबकि करीब 4.5 करोड़ बच्चे मोटापे से ग्रस्त हैं।
जंक फूड नुकसानदायक



हिन्दुस्तान जैसे विकासशील देशों में जंक फूड खाकर बच्चों में कुपोषण हो रहा है वहीं दूसरी तरफ मोटापे की समस्या ने परेशान किया हुआ है। सामान्य से अधिक वजन और मोटापा होने में आंशिक भेद है। सामान्य से अधिक वजन का तात्पर्य हमारे शरीर का द्र्रव्यमान सूचकांक (बॉडी मॉस इंडेक्स का 27.8) से ज्यादा होना है और जब यह सूचकांक 30 प्रतिशत को छू जाए तो इस अवस्था को 'मोटापा' कहा जाता है। वजन बढना और मोटापा शारीरिक असंतुलन के अलावा कई घातक रोग जैसे मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, मानसिक तनाव, अनिद्रा, लिवर रोग, पित्ताशय, ओस्टिओ-आर्थरायटिस और कई अन्य समस्याओं को आमंत्रित करता है। माना जाता है कि महिलाओं में मोटापा होने की संभावनाएं पुरुषों की अपेक्षा ज्यादा होती है। जब मोटापा बढ़ता है तो लोग ध्यान नहीं देते हैं पर जब बढ़ जाता है तो घंटों पसीना बहाते रहते हैं। भोजन शैली में सुधार ही मोटापा घटाने का सबसे में जरूरी कारक है।
प्राकृतिक चीजों का करें सेवन
कुछ प्राकृतिक चीजों के सेवन से वजन नियंत्रित रहता है। प्रकृति के करीब रहकर इंसान किस कदर अपना स्वास्थ्य बेहतर रख सकता है, इसका सटीक उदाहरण ग्रामीण और वनवासी अंचलों में देखा जा सकता है। मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले की पातालकोट घाटी के गोंड और भारिया वनवासियों की बात करें या बैतूल जिले के कोरकू जनजाति के लोग के स्वास्थ्य और आयुष की तुलना, हम विकसित समाज और शहरी लोगों से करें तो समझ आ जाएगा कि विकसित और ज्यादा स्वस्थ कौन है। वनवासियों का खान-पान, जीवनशैली और वनौषधियां इन सब रोगों को उनके आस-पास तक भटकने नहीं देती। चलिए मैं साझा करता हूं वनवासियों के कुछ चुनिंदा हर्बल नुस्खों को जिन्हें अपनाकर आप भी अपने शरीर की चर्बी को कम कर सकते हैं, लेकिन इन नुस्खों को अपनाने के साथ-साथ ये भी जानना जरूरी है कि अपनी जीवनशैली को नियंत्रित करने का असली रिमोट आपके हाथ में ही है३
उपयोगी लटजीरा



लटजीरा हमारे घरों, खेत-खलिहान के आसपास अक्सर देखा जा सकता है। जीरे की तरह दिखने वाले बीज हमारे कपड़ों पर लग जाते हैं। पातालकोट के वनवासियों के अनुसार इसके बीजों को एकत्र करके मिट्टी के बर्तन में भून लिया जाए और प्रतिदिन आधा चम्मच का सेवन किया जाए तो यह भूख को मार देता है और शारीरिक वसा को भी तोडने का काम करता है। इस फार्मूले को मोटापा कम करने के लिए आजमाया जा सकता है।
उबले आलू



कोरकू वनवासियों के अनुसार उबले आलूओं पर हल्का नमक छिड़क कर देने से वजन कम करना में फायदा होता है। वनवासियों के अनुसार ये गलत बात है कि आलू को मोटापा बढ़ाने में मदद करने वाला कंद माना जाता है। वजन आलूओं की वजह से नहीं बढ़ता बल्कि तलने में इस्तेमाल तेल, घी आदि आलू को बदनाम कर जाते हैं। कच्चे आलू या आलू जिन्हें तेल, घी के बगैर पकाया जाए खाद्य पदार्थ के तौर पर इस्तेमाल किए जा सकते हैं और इनकी मदद से वजन भी कम किया जा सकता है क्योंकि इनमें कैलोरी के नाम पर कुछ खास नहीं होता है।
ताजी पत्तागोभी का रस



दक्षिण गुजरात के वनवासियों के अनुसार ताजी पत्तागोभी का रस वजन कम करने में काफी मददगार है। इनके अनुसार प्रतिदिन रोज सुबह ताजी हरी पत्तागोभी को पीसकर रस तैयार किया जाए और इसे पिया जाए तो यह शरीर की चर्बी को गलाने में मदद करता है और रोचक बात यह भी है कि आधुनिक विज्ञान भी इस बात की पैरवी करता है कि कच्ची पत्तागोभी शर्करा और अन्य कार्बोहाईड्रेड्स को वसा में बदलने से रोकती है।
परवल 



करीब एक किलो परवल के फल लेकर छोटे-छोटे टुकड़े कर लीजिए और 400 हकोकम के फल भी लें और दोनों को चार लीटर पानी में डालकर तब तक उबालें जब तक कि ये एक चैथाई ना बचे। इसे छान लें और ठंडे स्थान पर रख दें। प्रतिदिन सुबह इस रस का खाली पेट सेवन करें, जूस खत्म हो जाने पर इसी विधि से पुनरूबनाएं सिर्फ एक माह आजमाकर देखिए, फायदा जरूर होता है। डाँग, गुजरात के वनवासी बताते हैं कि चावल का गर्म-गर्म पानी लगातार कुछ दिनों तक सेवन करने से मोटापा दूर होता है। पके हुए चावल के गर्म पानी में दो चम्मच शहद मिलाने से मोटापा कम करने में मदद मिलती है। वनवासी बताते हैं कि परवल के फलों का जूस तैयार कर लिया जाए और इसमें करीब 4 सौंफ के दाने और चुटकीभर हींग का पिसा हुआ चूर्ण मिला लिया जाए और सेवन किया जाए तो मोटापा दूर होने लगता है। डाँग, गुजरात के वनवासियों के अनुसार देर तक उबली चाय मोटापा कम करने में मदद करती है। वैज्ञानिक तथ्य भी यही कहते हैं कि देर तक उबली चाय में टैनिन रसायन निकलता है, यह भूख को मार देता है।
फायदेमंद मधु



गर्म पानी में एक चम्मच शहद डालकर प्रतिदिन सुबह खाली पेट पीने मोटापा कम होता है। कुछ जगहों पर लोग इसी मिश्रण में एक चम्मच नींबू रस भी डाल देते हैं, दोनों फॉर्मूले हितकर हैं। कई लोग दिनभर सिर्फ नींबू पानी और शहद का मिश्रण पीकर उपवास भी करते हैं। माना जाता है कि ये एक कारगर देसी फॉर्मूला है।
दवाओं से रहें दूर



बाजार में बिकने वाले कैप्सूल, दवाएं और यंत्र जो अल्प अवधि में वजन और मोटापा कम करने का दावा करते हैं, इनसे दूर रहने की आवश्यकता है शारीरिक चपलता, मेहनत, आलस से दूरी, जीवनशैली और दिनचर्या व पोषक खान-पान की मदद से काफी हद तक आप मोटापे से दूर रहा जा सकते हैं।