टमाटर की बाग !

 अलीगढ़। आम-अमरूद व कटहल के बाग तो आपने खूब देखे-सुने होंगे। पर टमाटर के बाग के बारे में शायद ही कभी सुना हो। लेकिन यहां अतरौली क्षेत्र के गांव चैंडौली में एक किसान ने कमाल करते हुए टमाटर का बाग खड़ा कर दिया है। अमूमन, टमाटर के पौधे चार-पांच फीट तक ही सिमट जाते हैं, पर दिगंबर सिंह के खेत में तो नौ फुट ऊंचे पौधे फलों से लदे हुए हैं।


यह कमाल करने वाले दिगंबर सिंह का खेती से पहले कोई ज्यादा नाता नहीं रहा। एमए-बीएड करने के बाद दिल्ली के सरकारी स्कूल में अध्यापक हो गए। मन नहीं लगा तो नौकरी छोड़कर ठेकेदारी शुरू कर दी। पर जल्द ही ठेकेदारी रास नहीं आई तो 2001 में खेती शुरू कर दी। अनुभव नहीं होने के कारण पारंपरिक खेती में नुकसान झेला।



उन्होंने बताया कि कुछ नया करने की सोची तो बहुराष्ट्रीय कंपनी में तैयार टमाटर की वेरायटी हिमसोना की 10 बीघा में खेती की। सामान्यतः इसके पौधे ज्यादा से ज्यादा पांच फीट तक बढ़ते हैं। सोचा कि इनकी ऊंचाई बढ़ाकर देखी जाए। कोशिश की तो मेहनत रंग लाई और पौधे नौ फीट तक बढ़ गए। झुकाव रोकने को बांस-बल्लियों का सहारा लिया गया।


हर पौधे पर 300-400 तक टमाटर लदे हैं। दिगंबर बताते हैं कि कीमत सही मिल जाए तो अच्छी कमाई की जा सकती है। प्रति बीघा 20-25 हजार रुपये की लागत आती है और लाभ 70 से 80 हजार रुपये तक होता है। उनका कहना है कि दिल्ली मंडी में खुद माल ले जाते हैं जो हाथों-हाथ बिक जाता है। टमाटर के इस बाग को देखने के लिए आसपास के लोग और अधिकारी प्रायः आते रहते हैं।


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