कैसे लोग करते हैं मौत का वरण?


क्या आप जानते हैं कि देश में हर घंटे कितनी आत्महत्याएं हो रही हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो बताता है 13... साल 2014 की रिपोर्ट के मुताबिक एक साल में 1,33,666 लोगों ने मौत को खुद गले लगाया। इनमें से तकरीबन 70 प्रतिशत वे लोग थे, जिनकी आय एक लाख रुपये वार्षिक से भी कम थी। इनमें भी यदि आप शैक्षिक स्तर देखें तो तकरीबन 85 प्रतिशत लोग 12वीं कक्षा से कम और तकरीबन 74 प्रतिशत लोग 10वीं कक्षा से कम पढ़े थे। आत्महत्या करने वाले तकरीबन 54 प्रतिशत लोग आठवीं दर्जा भी पास नहीं कर पाने वाले थे। तो यह कौन लोग हैं, जो मौत को फैशन की तरह गले लगा रहे हैं। जाहिर है, इनकी इहलीला समाप्ति के पीछे एक मजबूरी, बेचारी और लाचारी है, वरना खुद की जिंदगी को कौन खत्म करना चाहता है...?


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