प्रोजेक्ट एक्टिविटी कोर टीम ने किया सराहनीय कार्य

विश्व बैंक की टीम ने पैक्ट के कार्यों की सराहना 


 

उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन श्री टी0 वेकेंटेश ने कहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल मार्गदर्शन एवं जल शक्ति मंत्री डा0 महेन्द्र सिंह द्वारा सिंचाई विभाग की विभिन्न योजनाओं के लगातार अनुश्रवण एवं स्थलीय निरीक्षण के परिणामों के फलस्वरूप सिंचाई विभाग के कार्य संस्कृति में अभूतपूर्व बदलाव आया है और इससे सिंचाई प्रणाली की विभिन्न परियोजनाओं को तेजी से लागू करने में मदद मिली है। इससे प्रेरित होकर उत्तर प्रदेश वाटर सेक्टर रीस्ट्रक्चरिंग परियोजना के तृतीय चरण के मसौदा पर तेजी से कार्यवाही की जा रही है। प्रस्तावित परियोजना को व्यवहारिक रूप देने में विश्व बैंक तकनीकि सहयोग व परामर्श उपलब्ध करायेगा, जिससे परियेाजना को धरातल पर उतारने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि यू0पी0डब्लू0एस0आर0पी0 के वित्तीय मामलों से संबधित पत्रावली तीन दिन से अधिक लम्बित रहने पर संबधित के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जायेगी। 

प्रमुख सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन टी0 वेकेंटेश ने आज यू0पी0 एल0सी0 सभागार में विश्व बैंक मिशन की टीम के साथ एक बैठक कर रहे थे। उन्हांेंने कहा कि परियेाजना के सभी घटकों की समयबद्ध समीक्षा की जायेगी, जिससे परियोजना को निर्धारित समय में पूरा करके परियोजना के उद्देश्यों का अधिक से अधिक लाभ प्रदेश के किसानों तक पहुचाया जा सके। उन्होंने  कहा कि विश्व बैंक सहायतित बहुउद्देशीय उत्तर प्रदेश वाटर रीस्ट्रक्चरिंग परियोजना आगामी अक्टूबर वर्ष 2020 में पूरी हो रही है। परियोजना के अवधि में ही उत्तर प्रदेश में 1.60 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचन क्षमता की बढोत्तरी होगी। 

प्रमुख सचिव ने बताया कि स्वारा (राज्य जल संसाधन अधिकरण) के अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रदेश की अवशेष पांच नदियांे की बेसिन प्लान तैयार की जाये, जिससे नदियों को पुर्नजीवित तथा अविरल बनाया जा सके। उन्होंने जल प्रबंधन और नियामक आयोग (यू0पी0वाॅमरेक) के सदस्यों की नियुक्ति की कार्यवाही में तेजी लाने के भी निर्देश दियें। बैठक में मौजूद विश्व बैंक के लीडर श्री आई0जे0एस0 ब्राॅड ने प्रमुख सचिव सिचंाई से अनुरोध किया कि विश्व बैंक की परियोजनों को लागू करने में शासन की सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता है। ताकि कम से कम समय में परियोजनाओं को क्रियान्वित किया जा सके। श्री ब्राॅड ने उम्मीद जाहिर किया कि उत्तर प्रदेश सरकार के सक्रिय सहयोग से परियोजना के अपेक्षित उद्दश्यांे को समय से पूरा कर लिया जायेगा, जो उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी। 

सह-टीम लीडर श्री सत्यप्रिय ने विश्व बैंक की ओर से आश्वस्त किया कि प्रस्तावित परियोजना के सृजन में पूरी तकनीकि परामर्श एवं विश्व बैंक के मानकों के अनुरूप परियोजना का प्रस्ताव तैयार करने में हर संभव सहायता दी जायेगी। उल्लेखनीय है कि विश्व बैंक मिशन 22 एवं 23 जनवरी, 2020 को उत्तर प्रदेश वाटर रीस्ट्रक्चरिंग परियोजना के विभिन्न घटकों तथा संगठनों (बेतवा, रामगंगा, शारादा सहायक, कृषि रिमोटसेंसिंग, भू-गर्भ जल, उ0प्र0 ग्राम्य विकास प्रशिक्षण संस्थान स्वारा, आई0ओ0एस0ओ0 बाढ़ भविष्यवाणी संगठन, गंडक, वाल्मी, परिकल्पसज्जा तथा कंसल्टेंसी आदि) के साथ पैक्ट की चेयरमैन सुश्री अर्पणा यू की अध्यक्षता में कार्य की समीक्षा की गयी। विश्व बैंक की टीम ने परियोजना क्षेत्र में संचालित विभिन्न कार्यों का भी अवलोकन किया। 

विश्व बैंक टीम के भ्रमण के आज अंतिम दिन पैक्ट के सभागार में समापन बैठक को संबोधित करते हुए पैक्ट के मुख्य अभियंता श्री एस0के0 सेंगर ने विश्व बैंक टीम को यू0पी0डब्लू0एस0आर0पी0 की ओर से धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि विश्व बैंक द्वारा दिये गये सुझावों एवं रेखांकित किये गये अन्य बिन्दुओं पर तेजी से कार्यवाही की जायेगी और निर्धारित समय के अन्तर्गत सभी कार्याें को पूरा किया जायेगा। विश्व बैंक की टीम ने भ्रमण के दौरान सक्रिय सहयोग दिये जाने के लिए पैक्ट के मुख्य अभियंता श्री ए0के0 संेगर तथा सहयोगी अधिकारियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर पैक्ट व सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अभियंतागण तथा अन्य विशेषज्ञ उपस्थित थे। 

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