दिव्यांगजनों के जीवन को खुशहाल बनाने के लिए मुख्य धारा से जोड़ने के लिए प्रयासरत प्रदेश सरकार ।


उत्तर प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों के जीवन को खुशहाल बनाने तथा उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए प्रयासरत है। राज्य सरकार दिव्यांगों के विकास के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है।

यह बात प्रदेश के दिव्यांगजन सशक्तीकरण मंत्री श्री अनिल राजभर ने आज यहां अपने कार्यालय में विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों के बारे में तीन वर्षों की उपलब्धियों की जानकारी मीडिया प्रतिनिधियों को देते हुए कही।

श्री राजभर ने कहा कि दिव्यांगों के लिए सरकार और विभाग द्वारा जिस प्रकार से हितपरक योजनाओं व कार्यक्रमों को धरातल पर उतारा जा रहा है, वह प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 40 प्रतिशत या उससे अधिक की दिव्यांगता वाले दृष्टिबाधित, मूकबधिर, मानसिक तथा शारीरिक रूप से दिव्यांगजन जिनके जीवनयापन के लिए स्वयं का न तो कोई साधन है न ही वे किसी प्रकार का परिश्रम कर सकते हैं, ऐसे कुल 1,88,822 दिव्यांगजनों को 03 वर्षों में लाभान्वित किया गया है।

मंत्री ने कहा कि कुष्ठावस्था पेंशन योजना के तहत वर्तमान सरकार ने अबतक कुल 5,958 नवीन पात्र दिव्यांगजनों को लाभान्वित किया है। इसी प्रकार कृत्रिम अंग/सहायक उपकरण योजना के अन्तर्गत पात्र दिव्यांगजनों को अधिकतम अनुदान राशि 8000 से बढ़ाकर 10,000 रू0 कर दिया गया है। जिसके तहत वित्तीय वर्ष 2017-18 में 54,000 दिव्यांगों को वर्ष 2018-19 में 55,500 दिव्यांगजनों को तथा वर्ष 2019-20 में अब तक 12,369 दिव्यांगजनों को विभिन्न प्रकार के कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरणों से लाभान्वित किया गया है।

श्री राजभर ने कहा कि दिव्यांग व्यक्तियों से शादी करने तथा दम्पत्ति में पति-पत्नी के दिव्यांग होने पर विभाग द्वारा प्रोत्साहन स्वरूप राशि प्रदान की जाती है, इसके तहत वित्तीय वर्ष 2018-19 में कुल 1121 दिव्यांग दम्पत्तियों तथा वित्तीय वर्ष 2019-20 में अब तक 622 दिव्यांग दम्पत्तियों को इस योजना के अन्तर्गत पुरस्कृत किया गया है।

श्री राजभर ने मीडिया प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे दिव्यांगजनों के लिए संचालित योजनाओं का व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार में प्रमुखता प्रदान करें, ताकि पात्र दिव्यांगजन योजनाओं आदि के बारे में जानकारी प्राप्त कर उनका अधिक से अधिक लाभ उठा सकें।

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