महत्वपूर्ण कार्यों के सम्पादन लिए सचिवालय के सभी विभागों के  अपर मुख्य सचिव,प्रमुख सचिव तथा सचिव "लॉक डाउन" अवधि में भी अपने -अपने कार्यालय में अनिवार्य रूप से रहेंगे उपस्थित ।


कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए प्रदेश में लखनऊ सहित 16 जनपदों में  "लॉक डाउन" की विशेष परिस्थिति को देखते हुए अपर मुख्य सचिव सचिवालय प्रशासन महेश गुप्ता ने सचिवालय में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्चारियों के लिए अलग से निर्देश दिए हैं। उन्होंने अपने आदेश में कहा है कि उo प्र0 सचिवालय के सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव,प्रमुख सचिव तथा सचिव "लॉक डाउन" अवधि में भी अपने कार्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे तथा उनके द्वारा सभी महत्वपूर्ण कार्यों का समय से सम्पादन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने "लॉक डाउन" अवधि में सचिवालय में आम जन प्रवेश पूर्णतयः प्रतिबंधित  रखने का निर्देश देते हुए स्पष्ट किया है कि आवश्यक सेवाओं से जुड़े विभागीय अधिकारियों की अनुमति से ही गैर सरकारी अधिकारी का प्रवेश पत्र बनाया जायेगा जिसके लिए मात्र एक ही काउंटर खुलेगा। 


अपर मुख्य सचिव सचिवालय प्रशासन ने इस "लॉक डाउन" के दौरान सचिवालय की सुरक्षा से जुड़े समस्त कार्मिकों की उपस्तिथि को अनिवार्य करते हुए ,सफाई से जुड़े कर्मचारियों ,फर्राश आदि तथा सेवाप्रदाताओं के कर्मीगणों को नियमित रूप से कार्यालय उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। उन्होंने इस अवधी में।अधिकारियों और कर्चारियों को मुख्यालय न छोड़ने का निर्देश देते हुए कहा है की ६० वर्ष से ऊपर के सेवानिवृत्त अधिकारी जो सलाहकार के पद पर कार्य कर रहें हैं वे विभागीय वरिष्ठ अधिकारी से अनुमति लेकर घर से काम कर सकते हैं इससे उनकी फीस अथवा मानदेय प्रभावित नहीं होगा ।  


"लॉक डाउन"  की इस विशेष परिस्थिति में उन्होंने  निर्देश दिया है की जो कार्मिक घर से कार्य करने की स्थिति में हैं वे कार्यालय अवधि में घर से बाहर नहीं जायेंगें तथा मोबाइल आदि इलेक्ट्रानिक साधनों से कार्यालय के संपर्क में रहेंगें जिससे आवश्यकता होने पर उन्हें कार्यालय बुलाया जा सके। उन्होंने घर से संविदा अथवा आउटसोर्स पर कार्यरत कारमोइकों को इस अवधि में कार्य से अनुपस्थिति की मज़दूरी घटाए बिना रोटेशन पर कार्यालय जाने की अनुमति को भी कहा है। 


अपर मुख्य सचिव सचिवालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है की ये सभी दिशा-निर्देश  "लॉक डाउन" के दौरान प्रभावी रहेंगें।