ब्लीचिंग पाउडर का घोल बनाकर किया जा सकता है कीटाणु शोधन

प्रदेश की चिकित्सा सचिव वी. हेकालीं झिमोमी ने समस्त अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव उत्तर प्रदेश शासन को कोविड-19 से बचाव हेतु व्यावसायिक  स्थानों, सार्वजनिक स्थलों तथा मेट्रो स्टेशन आदि का कीटाणु शोधन के संबंध में पत्र प्रेषित किया हैं। जिसमे  उन्होंने कहा है कि  कोरोना वायरस खांसी व छींक इत्यादि से निकली संक्रमित छोटी-छोटी बूंदों एवं संक्रमित सतहों को छूने से फैलता है। सभी संभावित संकमित सतहों का कीटाणुशोधन करके इस वायरस के फैलाव की रोकथाम की जा सकती हैं। बाजार में आसानी से उपलब्ध ब्लीचिंग पाउडर से बना घोल या तरल ब्लीच का उपयोग सतहों के कीटाणुशोधन के लिए किया जा सकता है। 

प्रदेश की चिकित्सा सचिव  ने पत्र के माध्यम से  घोल को बनाने की विधियां बताई है जो इस प्रकार है घोल तैयार करने से पहले रबर के दस्ताने, मास्क और एप्रन पहनें, ताकि आपके हाथ व कपड़े सुरक्षित रहें। (अ) 2 प्रतिशत ब्लीचिंग घोल तैयार करने की विधि (ब्लीचिंग पाउडर का उपयोग करके) 

चरण-1 प्लास्टिक के पात्र में एक लीटर पानी लें। चरण-2 प्लास्टिक के पात्र में 12 चाय वाले चम्मच (60 ग्राम) ब्लीचिंग पाउडर (लगभग 33 प्रतिशत घनत्व) लें और गाढ़ा पेस्ट बनाने के लिए पात्र से थोड़ा पानी मिलायें। चरण-3 इसे अच्छी तरह से तब तक मिलाते रहें जब तक पेस्ट चिकना न हो जाए औरइसमें दाने न हों। चरण-4 इस पेस्ट को पानी वाले पात्र में डालें और अच्छी तरह से मिलायें। प्रयोग से पहले अच्छी तरह से मिलाकर सुनिश्चित कर लें कि पात्र के नीचे कोई अवशेष नहीं बचा है। 

चरण-5 यह घोल सिर्फ तीन घण्टे तक इस्तेमाल किया जाए, तदोपरान्त नया घोलतैयार करें।

 

1 प्रतिशत सोडियम हाइपोक्लोराइट घोल  करें  छिड़काव 

 1 प्रतिशत सोडियम हाइपोक्लोराइट घोल तैयार करने की विधि (तरह ब्लीच का उपयोग करके) चरण-1 प्लास्टिक के पात्र में तरल ब्लीच (5ः सोडियम हाइपोक्लोराइट) का एक हिस्सा लें और इसमें छ भाग पानी मिलायें। चरण-2 इसे अच्छी तरह मिलायें। चरण-3 शेष घोल के भण्डारण के लिए पात्र का ढक्कन बन्द कर दें। चरण-4 इस घोल का इस्तेमाल छ घण्टे तक या खराबध्गंदा होने तक, जो भी पहले हो, किया जा सकता है। संक्रमित सतहों को साफ व कीटाणुशोधित करने के लिए साफ कपड़ा इस्तेमाल करें।

प्रदेश की चिकित्सा सचिव  ने तैयार किए गए घोल को  भीड़भाड़ वाले विभिन्न स्थानों जहां पर अधिक  संख्या में लोग इकट्ठे होते हैं, बाजार में प्रत्येक दुकानो में किया जाय। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक स्थलों में कोरोना-वायरस से बचाव हेतु उक्त स्थलों के समस्त प्रवेश द्वार पर अल्कोहल-आधारित-सैनिटाइजर डिस्पेन्सर्स लगायेध्रखे जायेंगे तथा हैण्डवाशिंग हेतु अतिरिक्त सुविधाओं की व्यवस्था की जाए।  व्यवसायिक स्थलों को हवादार रखने से (खिड़की इत्यादि खोलकर) संक्रमण के फैलने की संभावनाएं कम हो जाती है। कोरोनावायरस के फैलने से बचाव के तरीकों के प्रति स्टाफ में जागरूकता पैदा की जाए। व्यावसायिक स्थलों में भीड़ से बचाव किया जाए तथा डिजिटल लेने-देन को बढ़ावा दिया जाए।