खरीफ फसलों के लिए जिप्सम , ढैंचा  बीज, उर्वरक, कृषि रक्षा रसायन, कृषि यंत्र एवं क्रेडिट कार्ड की उपलब्धता करें सुनिश्चित - श्री सूर्यप्रताप शाही

समीक्षा बैठक में रबी फसलों की कटाई की प्रगति, रबी 2019-20 में वर्षा ओला वृष्टि आंधी  से हुई क्षति एवं बीमा कंपनी द्वारा क्षतिपूर्ति, रबी 2019-20 में उत्पादन के विषय में तथा खरीफ 2020- 21 की तैयारी की समीक्षा की। श्री शाही ने अधिकारियों के निर्देश दिए की खरीफ, 2020-21 के लिए किसानों को जिप्सम और ढैंचा  उर्वरक की पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को सोलर पंप एवं कृषि यंत्रों के वितरण को और अधिक सरल किया जाए तथा आच्छादन एवं कृषि निवेशों  यथा - बीज, उर्वरक, कृषि रक्षा रसायन, कृषि यंत्र एवं क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने के लिए और अधिक प्रयास किया जाए।

कृषि मंत्री श्री शाही ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीफ फसलों के लिए प्रदेश सरकार के पास पर्याप्त मात्रा में यूरिया डी0ए0पी0 एन0पी0के0 एवं एम0 ओ0 पी0 का एलोकेशन भारत सरकार से मिल चुका है इसलिए उर्वरकों की आपूर्ति एवं बिक्री केंद्रों को खोले जाने की व्यवस्था की जाएं उन्होंने कहा कि प0ी ओ0 एस0 मशीनों द्वारा सभी स्थलों पर कोविड-19 के बचाव के लिए साबुन, पानी, या सैनिटाइजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के पास किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में उर्वरक तथा एस0एस0पी0 जिंक सल्फेट माइक्रोन्यूट्रिमेंट की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है इसका भी वितरण सुनिश्चित किया जाए।

श्री शाही ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीफ फसलों की बुवाई/ धान की नर्सरी के लिए बीज, उर्वरक, नलकूप एवं विद्युत पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराए जाए इसके लिए कृषकों की जानकारी के लिए प्रिंट मीडिया एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से समय-समय पर एडवाइजरी जारी की गई इसका अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

श्री शाही ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की प्रगति पर समीक्षा करते हुए कहा कि कोविड-19 हमारी दृष्टिगत रखते हुए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों को यथाशीघ्र योजना का लाभ उनके बैंक खातों में स्थानांतरित की जाए। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 के लाभार्थी 25.23 लाख वित्तीय वर्ष 2019-20 के लाभार्थी 10.02 लाख, वित्तीय वर्ष 2020-21  के लाभार्थी 174.05  लाख, महामारी अवधि में कुल लाभार्थी 204.30 लाख की धनराशि स्थानांतरण करने के लिए भारत सरकार को संस्सतुति किया जा चुका है तथा भारत सरकार द्वारा इन लाभार्थियों के खाते में रुपये 4080 करोड़ से अधिक की धनराशि स्थानांतरित कर दी गई है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए 2.65 लाख किसानों का डाटा सत्यापन हेतु भारत सरकार से प्राप्त हुआ है, जिसमें जनपदों में भेजा जा चुका है।

श्री शाही ने कहा कि वर्तमान महामारी को देखते हुए भारत सरकार से अनुरोध किया गया है कि 14 लाख ऐसे लाभार्थी हैं जिनका आधार नंबर सही है किंतु प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के डेटाबेस फीड किया गया है नाम आधार के डेटाबेस में उल्लिखित नामों से विभिन्न है ऐसे लाभार्थियों को वर्तमान विषम परिस्थितियों के दृष्टि को देखते हुए उनका भुगतान कर दिया जाए।

श्री शाही ने कोविड-19 ने महामारी के दृष्टिगत प्रदेश / देश में लाॅकडाउन होने कारण कृषि कार्यों तथा अन्य क्रियाकलापों पर प्रभाव पड़ा है जिसके कारण मजदूरी व अन्य स्रोतों से प्राप्त होने वाली आय लगभग खत्म हो गई है इसलिए प्रदेश के  कृषि को को विशेषकर 80 प्रतिशत व सीमांत 13 प्रतिशत लघु किसान के पास धनराशि का अभाव इस कारण आगामी खरीफ 2020 में कृषकों को बीज एवं कृषि रक्षा रसायनो के मूल्य में दे अनुदान केंद्र धनराशि घटाते हुए बीज वितरित किया जाना सुनिश्चित किया जाए। श्री शाही ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गोविड-19 महामारी से किसानों केा जागरूक करने के लिए डॉक्यूमेंट्री फिल्म तैयार कर किसानों के बीच में प्रदर्शित किया जाए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव कृषि श्री देवेश चतुर्वेदी कृषि निदेशक एवं अन्य अधिकारीगण मौजूद थे।