3 या 5 अगस्त को हो सकता राम जन्म भूमि का शिलान्यास


लार्सन एंड टूब्रो मिट्टी की जांच के लिए सैंपल इकट्ठा कर रही है।  जमीन के 60 मीटर नीचे की मजबूती को देखते हुए ही मंदिर की नींव डाली जाएगी। आज की मीटिंग में यह तय हुआ है कि मंदिर के लिए टाइल्स सोमपुरा मार्बल ब्रिक्स की ओर से दिया जाएगा। लार्सन ऐंड टुब्रो अपना काम करेगा और टाइल्स का काम सोमपुरा मार्बल्स करेगा। दोनों मिलकर मंदिर का निर्माण करेंगे। शिलान्यास कार्यक्रम के लिए PM मोदी को निवेदन किया गया है स्वयं नृत्यगोपाल दास जी ने निवेदन किया है।लेकिन अंतिम फैसला PMO को करना है। देश में अभी बॉर्डर और कई मामले चल रहे हैं। तारीख तय करके हमने PMO को भेज दी है, अंतिम फैसला PMO लेगा। ट्रस्ट की बैठक में 29 जुलाई या 5 अगस्त को शिलान्यास पर हुई चर्चा। कोरोना संकट और बरसात के बाद 10 करोड़ परिवारों से मंदिर के लिए सहयोग के लिए सम्पर्क अभियान चलेगा। मंदिर का तकनीकी निर्माण शुरू करने के बाद 3 साल में बन जाएगा मंदिर। समतलीकरण का काम लगभग पूरा हो गया है।अभी तक के काम से सभी सदस्य संतुष्ट हैं।