3000 क्रय केन्द्रों के माध्यम होगी खरीफ विपणन


      मूल्य समर्थन योजना का लाभ किसानों तक पहुँचाने की प्रभावी व्यवस्था के लिए खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में क्रय एजेन्सियों के 3000 क्रय केन्द्र खोला जाना प्रस्तावित है। क्रय संस्थावार खोले जाने वाले धान क्रय केन्द्रों में खाद्य विभाग की विपणन शाखा, पंजीकृत सोसाइटी व मल्टी स्टेट को-ऑपरेटिव सोसाइटी सहित को 900, उत्तर प्रदेश राज्य खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम (एस0एफ0सी0) को 125, उत्तर प्रदेश सहकारी संघ (पी0सी0एफ0) को 1250, उत्तर प्रदेश को-आॅपरेटिव यूनियन लिमिटेड (पी0सी0क्यू0) को 275, उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मण्डी परिषद को 125, नैफेड को 130, एन0सी0सी0एफ0 को 130 तथा भारतीय खाद्य निगम को 100 केन्द्र खोला जाना प्रस्तावित है।
      धान खरीद नीति के अनुसार तहसील स्तर पर धान खरीद सुचारू रूप से सम्पन्न कराने व प्रभावी अनुश्रवण के लिए उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया जायेगा, जो सप्ताह में न्यूनतम एक बार बैठक कर धान क्रय आदि की समीक्षा व अनुश्रवण करेंगे। कमेटी में उप जिलाधिकारी इस समिति का अध्यक्ष तथा क्षेत्रीय विपणन अधिकारी संयोजक होंगे। इसके अलावा प्रत्येक क्रय एजेन्सी के तहसील/ब्लाॅक मुख्यालय का एक प्रभारी, ए0डी0सी0ओ0 सहकारिता, मण्डी सचिव, कृषि विपणन विभाग के अधिकारी, बांट-माप विभाग के अधिकारी, उपजिलाधिकारी द्वारा नामित 02 प्रगतिशील कृषक समिति के सदस्य होंगे।
      उल्लेखनीय है कि प्रदेश स्तर पर धान खरीद का अनुश्रवण एवं पर्यवेक्षण खाद्य तथा रसद विभाग के विशेष सचिव तथा अपर आयुक्त द्वारा किया जायेगा।