कृषकों के निकटतम स्थल पर होगा गोदामों का निर्माण



भारत सरकार की आत्मनिर्भर भारत योजनान्तर्गत सहकारी समितियों  में  Post Harvest अवस्थापना ( Infrastructure) विकसित किये जाने के सम्बन्ध में ‘‘सेंसटाइजेशन वर्कशाप‘‘  पी0सी0यू0 सभागार, लखनऊ में श्री एम0वी0एस0 रामी   रेड्डी , अपर मुख्य सचिव, सहकारिता, उ0प्र0 शासन/आयुक्त एवं निबन्धक, सहकारिता, उ0प्र0 लखनऊ की अध्यक्षता में आयोजित की गयी। जिसमें प्रदेश के समस्त जिला सहकारी बैंक के सचिव/मुख्य कार्यपालक अधिकारी, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबन्धक, सहकारिता,  मण्डलीय उप आयुक्त एवं उप निबन्धक/संयुक्त आयुक्त एवं संयुक्त निबन्धक एवं प्रबन्ध निदशक, यू0पी0सी0बी0 तथा अपर आयुक्त एवं अपर निबन्धक तथा वित्तीय सलाहकार भी बैठक में उपस्थित रहे।
कृषि क्षेत्र का विकास करने एवं कृषकों की आय को दो गुना करने हेतु विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही है। सहकारी समितियां कृषकों को ऋण, खाद, बीज एवं उनके उत्पादों को खरीदने आदि की सुविधाएं उपलब्ध कराती है। कृषकों की आय को बढ़ाने एवं ग्राहकों द्वारा कृषि उत्पादों के लिए भुगतान किये जाने वाले मूल्यों में कृषकों का हिस्सा बढ़ाने के लिए  च्वेज भ्ंतअमेज सुविधाओं के रूप में भण्डारण सुविधा का एक महत्वपूर्ण स्थान है भण्डारण सुविधाओं के माध्यम से कृषकों को लाभ पहुँचाने के लिए उनके निकटतम स्थल पर गोदामों का निर्माण किया जाए, ताकि कृषकों को अपनी फसल कटाई के समय भण्डारण एवं उसके सापेक्ष वित्त की सुविधाएं भी उपलब्ध हो जाए और उन्हें कपेजतमेे ेंसम  न करना पड़े।
आत्मनिर्भर भारत योजनान्तर्गत Agriculture Infrastructure Fund  में सहकारी समितियों/संस्थाओं पर गोदाम निर्माण कराने हेतु अपर मुख्य सचिव, सहकारिता, उ0प्र0 शासन द्वारा 100 मै0टन एवं 250 मै0टन के गोदाम निर्माण हेतु सभी जनपदीय/मण्डलीय अधिकारियों को प्रथम चरण में ऐसी समिति जो निर्धारित आर्हता को पूर्ण करती हो के विस्तृत परियोजना रिर्पोट (डी0पी0आर0) दिनांक 06.12.2020 तक सम्पूर्ण सूचना के साथ जिला सहकारी बैंक को उपलब्ध कराने, जिला सहकारी बैंक द्वारा प्राप्त डी0पी0आर0 का परीक्षण करते हुए जनपद के समस्त डी0पी0आर0 को संकलित कर उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव बैंक को दिनांक 13.12.2020 तक प्रेषित करने एवं उत्तर प्रदश कोआपरेटिव बैंक द्वारा डी0पी0आर0 का परीक्षण कर दिनांक 15.12.2020 तक नाबार्ड को प्रेशित करने के निर्देश दिये गये है।