190 गाँवों को बनाया सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि ग्राम

बालिकाएं आने वाले कल का भविष्य हैं। उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए अभी से उन्हें आर्थिक व सामाजिक रूप से सुदृढ़ करने की जरूरत है। इसमें 'सुकन्या समृद्धि योजना'  महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उक्त उद्गार 'राष्ट्रीय बालिका दिवस' पर वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल  ने व्यक्त किये। इस दिवस को विशेष बनाने के लिए डाकघरों के साथ विभिन्न स्कूलों व ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजन कर डाक विभाग द्वारा बालिकाओं को सम्मानित किया गया, उनके सुकन्या समृद्धि खाते खुलवाकर उन्हें उपहार भी दिए गए।

पोस्टमास्टर जनरल  ने कहा कि समाज में बालिकाओं का स्थान अहम है। सुकन्या समृद्धि योजना सिर्फ निवेश का ही एक माध्यम नहीं है, बल्कि यह बालिकाओं के उज्ज्वल व समृद्ध भविष्य से भी जुड़ा हुआ है।  वाराणसी परिक्षेत्र  में अब तक लगभग 1 लाख 75 हजार बालिकाओं के सुकन्या समृद्धि खाता खुलवाये जा चुके हैं और 190 गाँवों को संपूर्ण सुकन्या समृद्धि ग्राम बनाया जा चुका है। इस योजना के आर्थिक के साथ-साथ सामाजिक आयाम भी महत्वपूर्ण हैं। इसमें जमा धनराशि पूर्णतया बालिकाओं के लिए ही होगी, जो उनकी शिक्षा, कैरियर एवं विवाह में उपयोगी होगी। यह योजना बालिकाओं के सशक्तिकरण के द्वारा भविष्य में नारी सशक्तिकरण को भी बढ़ावा देगी।

वाराणसी पूर्वी मंडल के प्रवर अधीक्षक डाकघर  ने कहा कि, किसी भी डाकघर में न्यूनतम 250 ₹ से दस साल तक की बालिकाओं का सुकन्या समृद्धि खाता खुलवाया जा सकता है। इसमें  एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 1,000 और अधिकतम डेढ़ लाख रूपये जमा किये जा सकते हैं। वहीं, वाराणसी पश्चिमी मंडल के अधीक्षक डाकघर  ने बताया कि, सुकन्या की उम्र 18 वर्ष होने पर जमा राशि का 50 प्रतिशत व सम्पूर्ण राशि 21 वर्ष पूरा होने पर निकाली जा सकती है। सहायक निदेशक श्री शम्भू राय ने बताया कि सुकन्या समृद्धि योजना में ब्याज दर 7.6 प्रतिशत है और जमा धनराशि में आयकर छूट का भी  प्रावधान है।