77.35 लाख रूपये से दुग्ध उत्पादन होंगी विकसित


उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में डेयरी विकास के लिए दुग्ध उत्पादकों को तकनीकी निवेश कार्यक्रम की जिला योजना हेतु 31 जनपदों को वर्तमान वित्तीय वर्ष में 77.35 लाख रूपये की धनराशि स्वीकृत की है। यह धनराशि प्राविधानित धनराशि 386.75 लाख के सापेक्ष द्वितीय किश्त के रूप में स्वीकृत की गई है। प्रदेश के जनपदों में सहकारी दुग्ध समितियों के दुग्ध उत्पादक/सदस्यों को दुग्ध विकास कार्यक्रम के माध्यम से लाभान्वित करने के लिए तकनीकी निवेश योजना संचालित है।
इस संबंध में दुग्ध विकास विभाग द्वारा शासनादेश जारी कर दिया गया है। शासनादेश के अनुसार यह धनराशि आगरा, मैनपुरी, झांसी, जालौन(उरई), हमीरपुर, महोबा, बांदा, लखनऊ, लखीमपुर खीरी, बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत, मेरठ, रामपुर, वाराणसी, मिर्जापुर, सोनभद्र, गोरखपुर, महाराजगंज, देवरिया, बस्ती, सिद्धार्थनगर, आजमगढ़, मऊ, प्रयागराज, प्रतापगढ, कानपुर, अयोध्या, अंबेडकरनगर, बहराइच, तथा गोंडा जनपदों के लिए स्वीकृत की गई है। स्वीकृत धनराशि का उपयोग अनुसूचित जातियों के लिए संचालित विशेष घटक योजना के अन्तर्गत अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के सदस्यों से गठित/पुनर्गठित दुग्ध समितियों पर ही किया जायेगा।
 शासनादेश में योजना के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में सम्बन्धित जनपदों के दुग्धशाला विकास अधिकारी/उप दुग्धशाला विकास अधिकारी तथा आहरण वितरण अधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा गया है कि स्वीकृत धनराशि का आहरण व व्यय योजना के समय-समय पर निर्गत दिशा-निर्देशों  तथा शासनादेश में निहित व्यवस्था के अनुसार किया जाये। योजना में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हेतु ग्रामीण क्षेत्रो में लघु, सीमान्त कृषकों को लाभान्वित कराते हुए पशु प्रजनन कार्यक्रम, पशु स्वास्थय कार्यक्रम एवं प्रचार - प्रसार कार्यक्रम संचालित किये जायेेगे।

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