नमामि गंगे योजना बढ़ाएगी मसाला वाली फसलों का क्षेत्रफल

नमामि गंगे परियोजना के तहत उद्यान विभाग द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना एवं एकीकृत बागवानी विकास मिशन कार्यक्रम के अन्तर्गत गंगा बेसिन से आच्छादित सभी जनपदों में मसाला क्षेत्र विस्तार के रूप में हल्दी, प्याज एवं लहसुन के कार्यक्रम लागू हैं। मसाला क्षेत्र विस्तार कार्यक्रमों के लिए वित्तीय वर्ष 2020-21 में 2824 हेक्टेयर लक्ष्य निर्धारित है और इस निमित्त धनराशि रू0 338.88 लाख व्यवस्थित है, इसके सापेक्ष 1355 है0 पूर्ति के सापेक्ष रू0 55.56 लाख की धनराशि व्यय हुई है। नमामि गंगे विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के उप घटक ‘‘पर ड्राॅप मोर क्राॅप (माइक्रोइरीगेशन)’’ के अंतर्गत ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई को गंगा बेसिन के 27 जनपदों में लागू है। वित्तीय वर्ष 2021 में गंगा बेसिन में सभी जनपदों में कुल 52.339 है0 क्षेत्र में ड्रिप एवं स्प्रिंक्लर सिंचाई की व्यवस्था की गयी है। इस हेतु कन्वर्जन के माध्यम से धनराशि रू0 24020.20 लाख की कार्य योजना राज्य स्तरीय स्वीकृत समिति से अनुमोदित की गयी है, जिसके सापेक्ष 4096 है0 में भौतिक उपलब्धि के साथ रू0 0.39 लाख की धनराशि व्यय हुई है।