खादी वस्त्रों को मिली नई पहचान


उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव  ने बताया कि  खादी वस्त्रों को एक नई पहचान मिली है। इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित हुये हैं। खादी विभाग द्वारा हस्तशिल्पियों को नई डिजाइने उपलब्ध करने के लिये उन्हें प्रशिक्षण की निःशुल्क सुविधा प्रदान की जा रही है, ताकि वे वर्तमान परिवेश की मांग के अनुरूप अपने उत्पादो को तैयार कर सकें और राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय बाजार की प्रतिस्पद्र्धा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

 खादी के समग्र विकास के लिये राज्य सरकार सतत् प्रयत्नशील हैं। उत्तर प्रदेश में निर्मित खादी उत्पादों की मांग अब पूरे देश में बढ़ी है और लोग खादी के आधुनिक एवं डिजायनिक के वस्त्रों के प्रति विशेष रूचि प्रदर्शित कर रहे हैं। देश में विख्यात फैशन डिजाइनर भी अब खादी की तरफ आकर्षित हुये हैं। इसके फलस्वरूप फैशन शो के मंचों पर खादी वस्त्रों का बेहतर प्रदर्शन होने लगा है।
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि विगत 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश दिवस पर आयोजित खादी फैशन शो अत्यंत ही सफल रहा। फैशन इंडस्ट्रीज में खादी परिधानों के प्रति भी अब लोगों की रूचि बढती जा रही है। मशहूर फैशन डिजाइनर श्रीमती अस्मा हुसैन द्वारा आयोजित फैशन शो की सराहना और प्रशंसा करते हुये पर मुख्य सचिव ने बताया कि अस्मा हुसैन एक बेहतर डिजाइनर ही नही हैं, बल्कि एक सफल समाज सेविका भी है। अस्ता हुसैन ओ0डी0ओ0पी0 से जुडकर  बुनकर, चिकनकारी, जरी-जरदोजी के कारीगर, टेलर्स रंगरेज, एवं छपाई में कारीगरों को उनके उत्पादों को नये कलेवर में पेश करने में भी मद्द कर रही है।
फैशन डिजाइनर श्रीमति अस्मा हुसैन ने यूपी दिवस पर आयोजित फैशन शो में  बताया कि उनकी संस्था द्वारा फैशन शो के जरिये साठ लाख रूपये का काम इस कलेक्शन को तैयार करने में हुआ है, इससे कारीगरों और शिल्पियों को रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि यह सब खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री श्री सिद्धार्थ नाथ सिंह की पहल और अपर मुख्य सचिव डा0 नवनीत सहगल के कुशल मार्ग दर्शन और उनकी सकारात्मक सोच से ही सम्भव हो पाया है, जिन्होने इस मंच पर फैशन इंडस्ट्रीज को मौका दिया है। उन्होने कहा कि इस शो के प्रदर्शन में दिखाये जाने वाले नये कलेक्शन और नई डिजाइन के उत्पादन के दौरान 18300 नए रोजगार उनकी संस्था द्वारा लोगों को मुहैया कराये गये।

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