198.96 लाख बीमित किसानों की 162.45 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि हुई बीमित

उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री, के निर्देशन में कृषि विभाग प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ सभी इच्छुक एवं जरूरतमंद किसानों तक पहंुचाने एवं क्षतिपूर्ति की धनराशि किसानों को समय से उपलब्ध कराने हेतु दृढ़ संकल्पित है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत कृषि विभाग द्वारा अब तक 198.96 लाख बीमित किसानो की   162.45 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों का बीमा कराया गया, जिसके सापेक्ष अब तक 21.16 लाख किसानों को 1862.46 करोड़ रूपये की क्षतिपूर्ति का भुगतान किया जा चुका है।


कृषि विभाग से प्राप्त विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार रबी 2020-21 में दिसम्बर, 2020 तक 13.85 लाख बीमित किसानों द्वारा 10.03 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों का बीमा कराया गया है। योजनान्तर्गत खरीफ 2020 में 22.35 लाख किसानों द्वारा 17.02 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों का बीमा कराया गया है। इसी प्रकार रबी 2019-20 में योजनान्तर्गत 23.32 लाख बीमित किसानों द्वारा 18.09 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों का बीमा कराया जा चुका है, जिसके सापेक्ष 3.07 लाख किसानों को 255.05 करोड़ रूपये की क्षतिपूर्ति का भुगतान किया गया है। खरीफ 2019 में योजनान्तर्गत 23.89 लाख बीमित किसानों द्वारा 18.90 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों का बीमा कराया गया, जिसमें 5.79 लाख कृषकों को 780.77 करोड़ रूपये की क्षतिपूर्ति का भुगतान किया गया है।
इसी प्रकार रबी 2018-19 में योजनान्तर्गत 29.66 लाख बीमित किसानों द्वारा 24.26 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों का बीमा कराया गया, जिसमें से 0.39 लाख किसानों को   18.39 करोड़ रूपये की क्षतिपूर्ति का भुगतान किया जा चुका है। खरीफ 2018 में 31.69 लाख बीमित किसानों द्वारा 27.41 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों का बीमा कराया गया जिसमें से योजना के प्राविधानों के अनुरूप 5.69 लाख किसानों को 434.27 करोड़ रूपये की क्षतिपूर्ति का भुगतान किया गया। रबी 2017-18 में योजनान्तर्गत 28.39 लाख बीमित किसानों द्वारा 23.24 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों का बीमा कराया गया, जिसमें से 1.88 लाख किसानों को 129.12 करोड़ रूपये की क्षतिपूर्ति का भुगतान किया जा चुका है। खरीफ 2017 में 25.81 लाख बीमित किसानों द्वारा 23.83 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों का बीमा कराया गया जिसमें से योजना के प्राविधानों के अनुरूप 4.01 लाख किसानों को 244.86 करोड़ रूपये की क्षतिपूर्ति का भुगतान किया गया।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत प्रतिकूल मौसमी स्थितियों के कारण फसलों की बुवाई न कर पाने/असफल बुवाई की स्थिति, फसल की बुवाई से कटाई की अवधि में खड़ी फसलों को प्राकृतिक आपदाओं, रोगों, कृमियों से क्षति की स्थिति तथा फसल की कटाई के उपरान्त आगामी 14 दिनों की अवधि तक खेत में कटी हुई फसल को चक्रवात, चक्रवाती वर्षा व बेमौसम वर्षा से फसल की क्षति की स्थिति में किसानों को बीमा कवर के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
खरीफ में धान, ज्वार, बाजरा, मक्का, उर्द, मॅूंग, अरहर, मॅूगफली, सोयाबीन व तिल तथा रबी में गेहूॅ, जौ, चना, मटर, मसूर, राई/सरसों, अलसी व आलू को सम्मिलित करते हुए ग्राम पंचायत स्तर पर अधिसूचित किया गया है। योजना में ग्राम पंचायत के ऋणी किसान अनिवार्य आधार पर एवं अन्य सभी किसान स्वैच्छिक आधार पर योजना में सम्मिलित हो सकते हैं। सभी फसलों हेतु वास्तविक प्रीमियम दर लागू है जिसमें किसान द्वारा वहन किये जाने वाले प्रीमियम दर की अधिकतम सीमा बीमित राशि के सापेक्ष खरीफ में 2 प्रतिशत, रबी में 1.5 प्रतिशत तथा खरीफ व रबी की औद्यानिक फसल हेतु 5 प्रतिशत निर्धारित है। खरीफ में दिनांक 31 जुलाई तथा रबी में 31 दिसम्बर तक कृृषक द्वारा बीमा कराया जा सकता है।
योजना में फसलों की क्षति का आंकलन फसल कटाई प्रयोगों से प्राप्त उपज के आधार पर किया जाता है। ग्राम पंचायत में 75 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र में फसलों की बुवाई न कर पाने,असफल बुवाई की स्थिति में किसानों को प्राथमिकता पर बीमित राशि के 25 प्रतिशत क्षतिपूर्ति प्रदान की जाती है। खड़ी फसलों को स्थानिक आपदाओं अथवा फसल की कटाई के उपरान्त आगामी 14 दिनों की अवधि में खेत में सुखाने हेतु रखी कटी फसल की वर्षा से क्षति की स्थिति में व्यक्तिगत आधार पर क्षति का आंकलन कर आंशिक क्षतिपूर्ति प्राथमिकता पर देय होती है। व्यक्तिगत क्षतिपूर्ति हेतु प्रभावित किसानों को आपदा के 72 घण्टें के अन्दर बीमा कम्पनी को सूचित करना अनिवार्य है।
इसी प्रकार ग्राम पंचायत में खड़ी फसल की उपज में 50 प्रतिशत से अधिक क्षति की स्थिति में किसानों को सम्भावित क्षतिपूर्ति के अधिकतम 25 प्रतिशत तक तात्कालिक सहायता प्रदान की जाती है। आंशिक क्षतिपूर्ति/तात्कालिक सहायता की धनराशि को फसल कटाई प्रयोगों के आधार पर आंकलित कर कुल क्षतिपूर्ति की धनराशि में समायोजित किया जाता है।

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