वह इलाज ढूंढता रहा मगर उसे मौत ने ढूंढ लिया

 लखनऊ , जिम्मेदार दावे चाहे जितने कर रहे हो मगर हकीकत किसी से छिपी नहीं। इलाज के अभाव में रोजाना न जाने कितने लोग असमय मौत का शिकार हो रहा है। कन्नौज निवासी आदित्य दुबे (50 वर्षीय) को तीन दिन पहले बुखार आया। पत्नी कृष्णकांति के मुताबिक पति को पहले कन्नौज जिला अस्पताल ले जाया गया। यहां ड्रिप चढ़ाई गई। मगर हालत सुधरने के बजाए लगातार बिगड़ती रही। डॉक्टरों ने फेफड़े का संक्रमण बताकर लखनऊ रिफर कर दिया। पत्नी के मुताबिक सोमवार सुबह 11 बजे वो पति को एंबुलेंस से लेकर लखनऊ पहुंच गईं। यहां सिविल अस्पताल से बलरामपुर अस्पताल, और फिर लोहिया अस्पताल के चक्कर लगाए। मगर कहीं बेड नहीं मिला। ट्रामा सेंटर भी गए। वहां बेड फुल होने को बता कर लौटा दिया गया। इसके बाद कई निजी अस्पतालों के भी चक्कर काटे, मगर नौ घन्टे तक इलाज नहीं मिला। इसके बाद रात आठ बजे के करीब आदित्य को लेकर दोबारा ट्रामा सेंटर पहुंचे। तब तक आदित्य की हालत काफी बिगड़ चुकी थी । स्ट्रेचर पर उतारते ही आदित्य का शरीर शिथिल हो गया था। सांसे थम चुकी थीं। कैजुअल्टी में जैसे ही आदित्य को ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। 

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