05 चीनी मिलों के विरुद्ध वसूली प्रमाण पत्र निर्गत

प्रदेश के आयुक्त, गन्ना एवं चीनी, श्री संजय आर. भूसरेड्डी ने बताया कि प्रदेश के गन्ना किसानों का गन्ना मूल्य का भुगतान कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसको ध्यान में रखते हुए मुख्यालय स्तर पर नोडल अधिकारियों द्वारा तथा परिक्षेत्र स्तर पर उप गन्ना आयुक्तों एवं जिला गन्ना अधिकारीयों द्वारा गन्ना मूल्य भुगतान की दैनिक समीक्षा की जा रही है, मुख्यालय पर गन्ना मूल्य भुगतान की समीक्षा के उपरांत आयुक्त द्वारा भुगतान में फिसड्डी रहने पर यदु समूह की चीनी मिल बिसौली-बदायूँ, मोदी समूह की चीनी मिल मलकपुर-बागपत, बजाज समूह की चीनी मिल इटईमैदा-बलरामपुर एवं सिम्भावली समूह की चीनी मिल चिलवरिया-बहराइच एवं चीनी मिल गड़ौरा-महराजगंज, केे विरूद्ध आर.सी. जारी कर दी गयी है।

इस सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी देते हुए गन्ना आयुक्त द्वारा बताया गया कि निर्गत आर.सी. के क्रम में निर्गत वसूली प्रमाण पत्रों के क्रम में सम्बंधित जिला प्रशासन भू-राजस्व के बकाया कि तरह वसूली कर सकेगा, जिससे किसानों का गन्ना मूल्य का भुगतान कराने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के लिए समय-समय पर की गयी समीक्षा बैठकों एवं नोटिस निर्गत कर त्वरित गन्ना मूल्य भुगतान के लिए दियेे गये निर्देशों के फलस्वरूप भुगतान प्रक्रिया में तेजी से पेराई सत्र 2020-21 में संचालित 120 चीनी मिलों में से 22 चीनी मिलों द्वारा शत-प्रतिशत तथा 40 चीनी मिलों द्वारा 80 प्रतिशत से अधिक गन्ना मूल्य भुगतान प्रदेश के किसानों को करा दिया गया है ,जिनमे से 27 चीनी मिलों का भुगतान 90 प्रतिशत से ज्यादा है।
गन्ना आयुक्त ने बताया कि गन्ना मूल्य भुगतान की प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है तथा उपरोक्त 05 चीनी मिलों द्वारा भुगतान के प्रति उदासीनता बरतने के दृष्टिगत इनके विरूद्ध आर.सी. जारी की गयी है। निर्गत निर्देशों का अनुपालन न करने वाली चीनी मिलों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही अमल में लायी जाएगी।