महिला स्वयं सहायता समूहों को 1286.84 लाख रूपये का अनुदान

महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन और आय अर्जन के लिए ‘मिशन शक्ति’ अभियान के अन्तर्गत शुरु किये गये‘महिला रोजगार सृजन कार्यक्रम’ महिला उद्यमियों की आजीविका के लिए आशा की किरण साबित हो रहा है। इस उद्देश्य से चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग द्वारा गन्ने की खेती के लिए महिला स्वयं सहायता समूह का गठन कर 4726.27 हेक्टेयर में सिंगल बिड चिप के माध्यम से खेती की जा रही है और महिला स्वयं सहायता समूहों को अब तक 1286.84 लाख रूपये अनुदान का वितरण भी किया गया है।

इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए अपर मुख्य सचिव चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास श्री संजय आर0 भूसरेड्डी ने बताया कि कोरोना काल के दौरान जब अधिकतर ग्रामीण परिवेश से जुड़े लोग शहर आकर आजीविका के लिए कार्य नहीं कर पा रहे हैं, ऐसी विषम परिस्थितियों में ग्रामीण महिला उद्यमियों को तो गन्ना विकास विभाग के सिंगल बड चिप कार्यक्रम के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार की प्राप्ति हो ही रही है, वहीं दूसरी तरफ इस कार्यक्रम के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों के परिवार के सदस्यों को भी रोजगार की प्राप्ति हो रही है।
इस कार्यक्रम की प्रगति से संबंधित आँकड़ें देते हुए श्री भूसरेड्डी ने बताया कि प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से समृद्ध करने के लिए प्रदेश के 36 गन्ना बहुल जिलों में अब तक 2,111 महिला स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है, जिनमें 45,491 ग्रमीण क्षेत्र की महिला उद्यमी पंजीकृत हैं। जिनमें से 36,924 महिला उद्यमियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
इन समूहों से जुड़ी महिलाओं को सिंगल बड चिप के सीडलिंग तैयार करने हेतु विभाग द्वारा प्रशिक्षित किया गया है। महिला समूहों द्वारा अब तक 10.92करोड़ सीडलिंग तैयार करायी जा चुकी है, जिसमें से 9.38 करोड़ सीडलिंग की बिक्री करते हुए  महिला समूहों द्वारा लगभग रू0 28 करोड़ की आय अर्जित की गई है। गन्ने की नर्सरी से प्रति महिला उद्यमी एक सत्र में औसतन आय रू.59,000 की प्राप्ति होगी। अब तक प्रदेश की महिलाओं को लगभग 9 लाख मानव दिवस का रोजगार उपलब्ध हुआ है।