आतंकवाद की काली डायरी

अल-कायदा से जुड़े हाल में ही गिरफ्तार किए गए आतंकवादियों से बरामद आतंकवाद की काली डायरी का सीक्रेट कोड, मिल गया है। डायरी में आतंकवाद के एक्सक्लूसिव कोड का भी खुलासा हो गया है। 

यूपी एटीएस के छापे में मिनाहज़ के घर से एक काली डायरी मिली थी जिसके अंदर से आतंक से जुड़ी तमाम जानकारी सामने आई है 

साथ ही बकरीद के पहले तौहीद और मूसा के लखनऊ आने के संदेश भी मिले है। काली डायरी में छिपे आतंकवाद से जुड़े कोड इस तरह है।

1. जांच एजेंसियों को डायरी से मिली जानकारी से ये पता चला है की जो पिस्टल मिनाहज़ के यहाँ से बरामद हुई थी उसका कोड था ‘3 नंबर की किताब’ 

2. इसके साथ ही प्रेशर कुकर बम का कोड वर्ड था ‘9नंबर की किताब’ 

3. काली डायरी में टाइम बम को पटाखा, सुतली से बनाए जाने वाले देसी बम को रस्सी कोड वर्ड में लिखा हुआ है 

4. ई रिक्शा को कोड वर्ड में उड़न तश्तरी लिखा गया है। 

5. खटमलों को शीरमाल और कबाब खिलाने हैं जिसका मतलब कोई बड़ा हमला करना है विस्फोट के रूप में। डायरी में ये संदेश दो बार लिखा हुआ था।इसका मतलब ये संदेश दो बार मिनाहज़ को मिला होगा।

6.आतंकी बिना रेजिस्ट्रेशन के ई रिक्शा ढूंढने के लिए  सवारी वाला काम’ कोड वर्ड का इस्तेमाल कर रहे थे 

7. आतंकी कश्मीर या देश के बाहर फोन पर बात करते वक़्त ग्रुप को फ्लाइट के नाम से पुकारते थे। आतंकी कहते थे कि ''''पहली फ्लाइट, दूसरी फ्लाइट'''' जा चुकी है।

पहली टीम घर से बाहर निकल गई है यानी पहली फ्लाइट चली गई है यह कोड भाषा के इतने आदि हो गए थे कि मोड्यूल के किसी भी सदस्य ने नाम का शब्द कभी अपने मुंह से नहीं निकाला था 

8. डायरी के अंदर कई उर्दू शब्द भी अलग अलग पन्नो पर लिखे हुए है जिसमे या खुदा,मिशन अल्लाह जैसे शब्द है जिनके बारे में एटीएस अभी पता कर रही है कि इनको लिखने का क्या मतलब है। 

9. एक संदेश भी यूपी एटीएस ने ब्रेक किया है जिसमे कहा गया है कि दोस्त आ रहे है गोश्त पकाओ।इसका मतलब लखनऊ तौहीद और मूसा आने वाले थे। 

10. डायरी में एक कोड ये भी लिखा था की किताब पढ ली है यानी रेकी कर ली है। किताब में 7 पेज है यानी 7 जगह वारदात को अंजाम दिया जा सकता है। 

11. डायरी में मिले एक और कोड ने जांच एजेंसियों को सकते में डाल दिया जिसमें लिखा था कि किताब छप गई है यानी बम बन गया है किताब पहुंचा दी है यानी हमला करने वाला सामान जगह पर रख दिया है। 

12. प्रेशर कुकर बम,हथियार जैसी चीज़ों को रखने के लिए लाइब्रेरी , कूड़ेदान या रैक शब्दो का प्रयोग किया जाता था जिसका डायरी में जिक्र है। 

13. बकरीद से पहले ब्लास्ट करने की योजना के लिए कुर्बानी शब्द का कोड वर्ड डायरी में लिखा हुआ है।