माटीकला रोजगार योजना के 50 प्रतिशत तक अंक पाने वाले लाभार्थियों का होगा चयन

 
राज्य सरकार ने कोरोना महामारी के दृष्टिगत मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना के लाभार्थियों का चयन अब पर ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है। इसके लिए 11 प्रकार के मापदण्डों का निर्धारण किया गया है। स्कोर कार्ड में  50 प्रतिशत तक अंक पाने वाले लाभार्थियों को चयनित किया जायेगा। इससे कारीगरों को साक्षात्कार देने से मुक्ति मिलेगी, वह घर बैठे पोर्टल पर कागजात अपलोड कर योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा जो कारीगर ऑनलाइन आवेदन करने में असमर्थ है, उनके लिए ऑफलाइन आवेदन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।

     अपर मुख्य सचिव, खादी एवं ग्रामोद्योग डा0 नवनीत सहगल ने इस संबंध में  आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किये हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना के अन्तर्गत निर्धारित प्रारूप पर लाभार्थियों से ऑनलाइन/ऑफलाइन आवेदन आमंत्रित किये जायेंगे। प्राप्त आवेदन पत्रों का स्कोर कार्ड के अनुसार स्कुटनी कराई जायेगी। इसमेेें 50 प्रतिशत तक अंक प्राप्त करने वाले आवेदकों के आवेदन पत्र स्वीकृत हेतु विभागीय पोर्टल के माध्यम से जिला ग्रामाद्योग अधिकारियों द्वारा बैंकों को अग्रसारित किया जायेगा। चयन समिति सर्कुलेशन से भी चयनित लाभार्थियों की सूची को अनुमोदित करेगी। उन्होंने बताया कि जनपद स्तर पर योजना की समीक्षा/अनुश्रवण पूर्व में गठित जिला स्तरीय समिति द्वारा किया जायेगा। जिसकी मुख्यालय स्तर से नियमित समीक्षा भी होगी।
     अपर मुख्य सचिव ने बताया कि लाभार्थियों के चयन हेतु 11 पैरामीटर्स का निर्धारण किया गया है। इसमें आवेदक उम्र, आश्रित की संख्या, स्वयं अथवा पैतृक आवास, निवास स्थान, शैक्षिक योग्यता, अनुभव, अन्य आय के श्रोत, आयकर के लिए मूल्यांकन, इन्श्योरेंश पालिसी, पारंपरिक कारीगर एवं अवार्ड हेतु अलग-अलग अंक प्रदान किये जायेंगे। उन्होंने बताया कि आवेदक की उम्र के लिए अधिकत्म 06 अंक, आश्रिता के लिए 02 अंक, स्वयं अथवा पैतृक आवास हेतु 05 अंक, घर में कार्य करने वाले कारीगर को 04 अंक, शैक्षिक योग्यता के लिए 04 अंक दिये जायेंगे। इसके अतिरिक्त अनुभव हेतु अधिकत् 06 अंक, अन्य आय के श्रोत होने पर अधिकत्म 05 अंक, आयकर के लिए मूल्यांकन पर 02 अंक मिलेंगे। साथ ही नेशल एवार्ड प्राप्त मिट्टी कारीगरों को 08 अंक, स्टेट लेवल को 06, मण्डल स्तर पर 04 तथा जिला स्तर पर पुरस्कार प्राप्त कारीगर को 02 अंक दिये जायेंगे। पारंपरिक कारीगर होने पर 05 अंक एवं किसी भी प्रकार के इन्श्योरेंश पालिसी धारक को अधिकत्म 03 अंक प्राप्त होंगे।