मा. उच्च न्यायालय, लखनऊ खण्डपीठ का फैसला अनिवार्य शैक्षिक योग्यता के अनुसार ही होगीं गन्ना पर्यवेक्षकों नियुक्तियां

प्रदेश के आयुक्त, गन्ना एवं चीनी, श्री संजय आर. भूसरेड्डी ने बताया कि मा. उच्च न्यायालय, खण्डपीठ लखनऊ द्वारा गन्ना पर्यवेक्षकों की सेवा नियमावली में अनिवार्य शैक्षिक योग्यता के आधार पर ही नियुक्ति दिये जाने हेतु अपना आदेश पारित कर दिया गया है। इस सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा बेरोजगार युवाओं के लिए अधिकाधिक रोजगार सृजन हेतु पारित निर्देशों के क्रम में शासन द्वारा गन्ना पर्यवेक्षकों की नियुक्ति करने हेतु 437 पदों के लिए अधियाचन अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को प्रेषित किया गया था। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा उक्त नियुक्ति हेतु लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार की प्रक्रिया सम्पन्न कर ली गयी थी, परन्तु डोएक सोसाइटी द्वारा प्रदत्त सी.सी.सी. प्रमाण-पत्र जिन अभ्यर्थियों के पास नहीं था तथा जिनके द्वारा कृषि स्नातक में विषय के रूप में कम्प्यूटर से सम्बन्धित पाठ्यक्रम नहीं उत्तीर्ण किया गया था को साक्षात्कार में शामिल न करने के फलस्वरूप मोहित कुमार व अन्य द्वारा मा. उच्च न्यायालय, लखनऊ खण्डपीठ में रिट याचिका मोहित कुमार व अन्य बनाम उ.प्र. राज्य एवं रिट याचिका मोहित कुमार व अन्य बनाम उ.प्र. राज्य योजित की गयी जिसमें याचीगणों के साक्षात्कार पर विचार किये जाने का निर्देश दिया गया।

मा. उच्च न्यायालय के उपर्युक्त आदेश दिनांक 10.03.2021 के विरूद्ध विभाग द्वारा विशेष अपील उत्तर प्रदेश राज्य बनाम मोहित कुमार व अन्य तथा विशेष अपील उ.प्र. राज्य व अन्य बनाम मोहित कुमार योजित की गयी जिसमें मा. उच्च न्यायालय खण्डपीठ लखनऊ के आदेश दिनांक 13.08.2021 द्वारा विभाग द्वारा प्रस्तुत आधारों एवं तथ्यों के दृष्टिगत उक्त विशेष अपीलों में विभाग के पक्ष में अपना निर्णय पारित किया है। जिससे उक्त 437 पदों पर गन्ना पर्यवेक्षकों की नियुक्ति का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
गन्ना किसानों तथा चीनी मिल के मध्य, गन्ना पर्यवेक्षक महत्वपूर्ण कड़ी है और गन्ना किसानों की आय दोगुनी करने एवं गन्ना विकास में उत्तरोत्तर वृद्धि लाने के साथ-साथ बेरोजगार कृषि विज्ञान स्नातकों को रोजगार का अवसर मिलने से उनके परिवार के भरण-पोषण एवं आजीविका का स्थायी साधन मिल सकेगा। पर्यवेक्षकों की तैनाती से फील्ड लेवल कर्मचारियों की कमी दूर होगी तथा विकास कार्यक्रमों के बेहतर सम्पादन में गतिशीलता आयेगी तथा उनकी कृषि सम्बन्धी तकनीकी जानकारी एवं विशेषज्ञता का लाभ गन्ना किसानों को मिल सकेगा।
श्री भूसरेड्डी ने यह भी बताया कि आयोग की संस्तुति प्राप्त होते ही चयनित अभ्यर्थियों के पुलिस वेरीफिकेषन और चिकित्सकीय परीक्षण हेतु प्रवेश पत्र निर्गत कर दिये जाएगें। चयनित अभ्यर्थियों से अपील है कि वो शीघ्र ही अपना चिकित्सकीय परिक्षण सम्पन्न करा लें, ताकि नियुक्ति पत्र शीघ्र अतिशीघ्र निर्गत किये जा सके, साथ ही यह भी बताया कि नव नियुक्त गन्ना पर्यवेक्षकों के विभाग में आने के पश्चात जमीनी स्तर पर विकास, सर्वे, एवं क्रय से सम्बन्धित कार्यों में आसानी होगी तथा आम गन्ना किसानों के बीच विभाग की भागीदारी भी बढ़ेगी।