उत्तर प्रदेश में 11 से 13 अक्टूबर 2021 तक ‘‘पीएम किसान समाधान दिवस’’ का आयोजित

उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री, श्री सूर्य प्रताप शाही के निर्देशों के क्रम में कृषि विभाग द्वारा प्रदेश के समस्त जनपदों में आगामी 11 अक्टूबर से 13 अक्टूबर, 2021 के मध्य ‘‘पीएम किसान समाधान दिवस’’ आयोजित किये जाने का निर्णय लिया गया है। यह समाधान दिवस मुख्य रूप से इनवैलिड आधार तथा आधार के अनुसार नाम सही कराने के लिये आयोजित किया जा रहा है। इस सम्बन्ध में शासन द्वारा समस्त जिलाधिकारियों को निर्देश जारी कर दिये गये हैं। यह जानकारी अपर मुख्य सचिव कृषि, डॉ देवेश चतुर्वेदी ने आज यहां दी। 

अपर मुख्य सचिव कृषि ने बताया कि जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि पीएम किसान समाधान दिवस का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। जिन किसानों का आधार नम्बर गलत होने के कारण अथवा आधार के अनुसार नाम सही न होने के कारण प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिल रहा है, वे दिनांक 11 अक्टूबर से 13 अक्टूबर, 2021 के मध्य कार्यालय अवधि में अपने विकास खण्ड के राजकीय बीज गोदाम पर आधार कार्ड व बैंक खाते के विवरण के साथ पहुंचकर अपना डाटा ठीक करा सकते हैं। इसके अतिरिक्त अन्य समस्या होने पर भी किसान समाधान दिवस में मदद प्राप्त कर सकता है।
डॉ0 चतुर्वेदी ने बताया कि निर्देश दिये गये हैं कि जिन किसानों को योजनांतर्गत कम से कम एक किश्त प्राप्त हुयी है, किन्तु उनका आधार संख्या या नाम त्रुटिपूर्ण है, तो ऐसे किसानों का विवरण सम्बन्धित बैंक से प्राप्त कर, उनका शत प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित कराकर डाटा दुरूस्त कराया जाए। साथ ही प्रतिदिन अनुश्रवण करते हुये लम्बित समस्त प्रकरणों का समाधान कराया जाए। इस हेतु कृषि विभाग तथा अन्य विभागों में कार्यरत कम्प्यूटर आपरेटरों को यथा-आवश्यकता 03 दिन के लिये राजकीय बीज गोदाम पर तैनात किया जाए।
डॉ0 चतुर्वेदी ने बताया कि किसानों के कल्याण के लिये संचालित प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अन्तर्गत आधार ऑथेन्टिकेशन अनिवार्य हो जाने के कारण काफी संख्या में ऐसे किसानों, जिनका आधार संख्या इनवैलिड है अथवा आधार कार्ड में उल्लिखित नाम के अनुसार डाटा बेस में नाम फीड नहीं हुआ है, उनकी किसान सम्मान निधि का भुगतान भारत सरकार द्वारा रोक दिया गया है। ऐसे प्रकरणों के निस्तारण हेतु ‘‘पीएम किसान समाधान दिवस’’ के रूप में 03 दिवसीय अभियान चलाया जा रहा है।