वर्षा ऋतु में पशुओं संक्रमण का खतरा

 उत्तर प्रदेश के पशुधन मंत्री श्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि पशुधन विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाते हुए समय से निर्धारित लक्ष्यों को पूरा किया जाय। साथ ही कार्यक्रमों के लिए आवंटित बजट का शत-प्रतिशत उपयोग भी सुनिश्चित करते हुए जनपदों को उपलब्ध कराई जा रही धनराशि के सापेक्ष उपयोगिता प्रमाण पत्र तत्काल निदेशालय को उपलब्ध कराया जाय। मण्डलीय अपर निदेशक विभागीय योजनाओं का प्रभावी अनुश्रवण करें अन्यथा योजनाओं की प्रगति में कमी होने पर वह भी उत्तरदायी होंगे। पशुधन मंत्री ने कहा कि प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर एक-एक गो-आश्रय स्थल खोले जाने की कार्यवाही तत्काल सुनिश्चित करायी जाय ताकि अधिक से अधिक संख्या में गोवंश का संरक्षण किया जा सके।  

पशुधन मंत्री आज यहां पशुपालन निदेशालय में पशुधन विभाग की योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उन्हों ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सहभागिता योजना एवं कुपोषित परिवार को उपलब्ध कराये गये गोवंश का समुचित अभिलेखीकरण कराया जाय और पशुधन बीमा के अन्तर्गत अधिक से अधिक लाभार्थियों को आच्छादित किया जाय। इसके अतिरिक्त महत्वाकांक्षी जनपदों में कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण, किसान क्रेडिट कार्ड से पशुपालकों को लाभान्वित किया जाय। पशुधन मंत्री ने प्रदेश में एन0ए0आई0पी0 की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इनाफ पोर्टल पर शत-प्रतिशत डाटा अपलोड करने की कार्यवाही यथाशीघ्र पूर्ण की जाय अन्यथा जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही की जायेगी।
पशुधन मंत्री ने कहा कि गोवंश के भरण-पोषण की धनराशि गो-आश्रय स्थलों को उपलब्ध कराने में बिल्कुल भी विलम्ब न किया जाय और राज्य सरकार द्वारा गोवंश के भरण-पोषण हेतु दी जा रही सुविधाओं का अधिक से अधिक प्रचार किया जाय ताकि ग्रामीण पशुपालकों को लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए गो-आश्रय स्थलों पर चिकित्सा एवं औषधियों का विशेष ध्यान रखा जाय। मंत्री जी ने बैकयार्ड कुक्कुट पालन योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम, राष्ट्रव्यापी कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम, मुख्यमंत्री सहभागिता योजना की प्रगति के सम्बंध में भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। इस अवसर पर पशुधन बीमा सम्बंधी मोबाइल ऐप भी लांच किया गया।  
बैठक में पशुधन राज्यमंत्री श्री जय प्रकाश निषाद ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने में पशुधन विभाग की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए विभागीय अधिकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाए और राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप गौवंश के संरक्षण एवं संवर्द्धन का कार्य पूरी गम्भीरता एवं संवेदनशीलता से करें।
समीक्षा बैठक में पशुधन विभाग के प्रमुख सचिव श्री सुधीर गर्ग ने विभागीय अधिकारियों को प्रदेश में कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अधिक से अधिक मैत्री/पैराबेट्स का चयन कर प्रशिक्षण पर भेजने की कार्यवाही किये जाने और इसके लिए ऑनलाइन आवेदन भी यथाशीघ्र प्राप्त किये जाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने पशुधन मंत्री को उनकी अपेक्षानुसार विभागीय योजनाओं को निर्धारित समय में पूर्ण किये जाने का आश्वासन दिया।