उ0प्र0 दुग्ध नीति-2018 में संशोधन के फलस्वरूप मूल्यांकन एवं परीक्षण समिति का गठन

 

उत्तर प्रदेश सरकार ने उ0प्र0 दुग्ध नीति-2018 में संशोधन के फलस्वरूप आवेदनों/परियोजना प्रस्तावों को स्वीकृति एवं धनावंटन हेतु राज्य स्तरीय इम्पावर्ड समिति, मण्डल स्तरीय क्रियान्वयन अनुश्रवण समिति, जनपद स्तर पर परियोजना क्रियान्वयन संबंधी तथा मूल्यांकन एवं परीक्षण समिति का गठन कर दिया गया है। इस संबंध में दुग्ध विकास विभाग के प्रमुख सचिव, श्री सुधीर गर्ग द्वारा आदेश जारी कर दिये गए हैं।

आदेश के अनुसार राज्य स्तरीय इम्पावर्ड समिति में अध्यक्ष के रूप में मुख्य सचिव/प्रतिनिधायित अधिकारी, उ0प्र0 शासन, उपाध्यक्ष के रूप में कृषि उत्पादन आयुक्त, उ0प्र0 शासन व अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त, उ0प्र0 शासन तथा संयोजक सचिव के रूप में प्रमुख सचिव दुग्ध विकास विभाग, उ0प्र0 शासन होंगे। सदस्य के रूप में प्रमुख सचिव/सचिव, वित्त विभाग, उ0प्र0 शासन, प्रमुख सचिव/सचिव, नियोजन विभाग, उ0प्र0 शासन, प्रमुख सचिव/सचिव, लघु उद्योग विकास, उ0प्र0 शासन, प्रमुख सचिव/सचिव, कृषि विभाग, उ0प्र0 शासन, प्रमुख सचिव/सचिव, नगर विकास विभाग, उ0प्र0 शासन, प्रमुख सचिव/सचिव, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग, उ0प्र0 शासन, प्रमुख सचिव/सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, उ0प्र0 शासन, प्रमुख सचिव/सचिव, मत्स्य विकास विभाग, उ0प्र0 शासन, प्रमुख सचिव/सचिव, कृषि विपणन एवं कृषि निर्यात विभाग, उ0प्र0 शासन, प्रमुख सचिव/सचिव, खादी एवं ग्रामोद्योग विकास, उ0प्र0 शासन, प्रमुख सचिव/सचिव, औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0 शासन, आयुक्त आबकारी, उ0प्र0, दुग्ध आयुक्त, दुग्धशाला विकास, उ0प्र0, लखनऊ, परियोजना समन्वयक, उ0प्र0 कृषि विविधीकरण परियोजना, लखनऊ, निदेशक, उ0प्र0 राज्य कृषि उत्पादन मण्डी परिषद, लखनऊ, महाप्रबंधक, नाबार्ड, निदेशक/डीन, खाद्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झांसी, मुख्य सचिव, उ0प्र0 शासन द्वारा नामित अन्य प्रतिनिधि, निदेशक, केन्द्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान केन्द्र (सीएफटीआरआई) मैसूर द्वारा नामित प्रतिनिधि, औद्योगिक संगठनों ;भ्।ण्ब्भ्ण् ।ेेवबींउ - च्भ्क् ब्ींउइमत व िब्वउउमतबम - प्दकनेजतपमेद्ध द्वारा खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के नामित एक-एक प्रतिनिधि तथा स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी के प्रतिनिधि होंगे।
मुख्य सचिव, उ0प्र0 शासन की महत्वपूर्ण शासकीय कार्यों में व्यस्तता होने या उपलब्ध न होने की दशा में मुख्य सचिव, उ0प्र0 शासन द्वारा प्रतिनिधायित अधिकारी के रूप में नामित कृषि उत्पादन आयुक्त, उ0प्र0 शासन द्वारा राज्य स्तरीय इम्पावर्ड कमेटी की अध्यक्षता की जायेगी। यह कमेटी उ0प्र0 दुग्ध नीति-2018 के अंतर्गत परियोजनाओं की स्वीकृति, अनुश्रवण तथा स्वीकृत परियोजनाओं के सापेक्ष धनराशि अवमुक्त करने हेतु राज्य स्तरीय इम्पावर्ड कमेटी (उ0प्र0 दुग्ध नीति-2018) के रूप में अधिकृत होगी। यह कमेटी की बैठक त्रैमास में कम से कम एक बार आहूत की जायेगी।
मण्डल स्तरीय अनुश्रवण समिति अध्यक्ष के रूप में मण्डलायुक्त तथा सदस्यों के रूप में मण्डल के समस्त जनपदों के जिलाधिकारी, मण्डल के समस्त जनपदों के मुख्य विकास अधिकारी, संयुक्त निदेशक, उद्योग, संयुक्त निदेशक, कृषि, पशुपालन विभाग के मण्डलीय अधिकारी, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग, उद्यान विभाग, मत्स्य विभाग, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, राज्य कृषि उत्पादन मण्डी परिषद एवं लीड बैंक के मण्डल स्तरीय अधिकारी, सम्बन्धित उप दुग्धशाला विकास अधिकारी तथा सदस्य-सचिव के रूप में मण्डलीय दुग्धशाला विकास अधिकारी होंगे।
जनपद स्तर पर परियोजना क्रियान्वयन समिति में अध्यक्ष के रूप में जिलाधिकारी तथा सदस्यों के रूप में मुख्य विकास अधिकारी, उपायुक्त, जिला उद्योग केन्द्र, जिला कृषि अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, सहायक निदेशक, मत्स्य/मुख्य कार्यकारी अधिकारी, अभिहित अधिकारी, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग, प्रधानाचार्य राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केन्द्र/खाद्य प्रसंस्करण अधिकारी तथा सदस्य-सचिव के रूप में उप दुग्धशाला विकास अधिकारी होंगे।
मूल्यांकन एवं परीक्षण समिति में अध्यक्ष के रूप में प्रमुख सचिव, दुग्ध विकास विभाग, उ0प्र शासन, सदस्यों के रूप में प्रमुख सचिव/सचिव, नियोजन विभाग अथवा नामित प्रतिनिधि (पी0एफ0ए0डी0 प्रभाग), अपर दुग्ध आयुक्त, दुग्धशाला विकास, उ0प्र0 लखनऊ, प्रबन्ध निदेशक पिकप अथवा नामित प्रतिनिधि, हेड सी0एफ0टी0आर0आई0 लखनऊ, प्रबन्ध निदेशक, प्रादेशिक कोआपरेटिव डेरी फेडरेशन लि0, लखनऊ, अधिशासी निदेशक, उद्योग बन्धु, निदेशक, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, उ0प्र0, वित्त नियंत्रक, दुग्धशाला विकास, उ0प्र0, लखनऊ, मुख्य दुग्धशाला विकास अधिकारी/दुग्धशाला विकास अधिकारी, मुख्यालय तथा सदस्य-सचिव के रूप में दुग्ध आयुक्त, दुग्धशाला विकास, उ0प्र0, लखनऊ होंगे।
इस समिति के सदस्य सचिव, उ0प्र0 दुग्ध नीति-2018 के अन्तर्गत प्राप्त प्रस्तावों को संकलित कराते हुये समिति के समक्ष मूल्यांकन एवं परीक्षण हेतु प्रस्तुत करेगें। इस समिति प्रस्तावों का मूल्यांकन एवं परीक्षण कर औपचारिकताओं से पूर्ण प्रस्तावों को मुख्य सचिव, उ0प्र0 शासन की अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय इम्पावर्ड कमेटी के समक्ष अपनी संस्तुति सहित प्रस्तुत करेगी। दुग्ध आयुक्त के पदासीन न होने की स्थिति में अपर दुग्ध आयुक्त सदस्य-सचिव के दायित्वों का सम्पादन करेंगे।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश को दुग्ध उद्योग के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करते हुए प्रदेश का सन्तुलित आर्थिक विकास करने, दुग्ध प्रसंस्करण इकाईयों की स्थापना के लिए उपयुक्त वातावरण तैयार कर अवस्थापना सुविधाओं का विकास, पूॅजी निवेश एवं तकनीकी उन्नयन का प्रोत्साहन, मेक इन यू0पी0 को प्रोत्साहन, नये रोजगार सृजन, अनुसन्धान एवं विकास प्रोत्साहन, गुणवत्ता एवं प्रमाणीकरण प्रोत्साहन तथा समस्त स्टेक होल्डर्स (हितधारक) को अधिकाधिक लाभ दिलाये जाने के उद्देश्य से उ0प्र0 दुग्ध नीति-2018 प्रख्यापित की गयी है।