उत्तर भारत के प्रथम “मेडटेक” का उदघाटन कल

 
केन्द्रीय राज्य मंत्री, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आई टी,कौशल विकास एवं उद्यमिता राजीव चन्द्रशेखर लखनऊ पधारे| वह उत्तर भारत के प्रथम उधमिता केंद्र – “मेडटेक” का उदघाटन एस.जी.पी.जी.आई, लखनऊ में करेंगे| यहउद्यमिता केंद्र राज्य में स्टार्टअप संस्कृति को प्रोत्साहन प्रदान करते हुए मेडी इलेक्ट्रॉनिक्स और स्वास्थ्य सूचना विज्ञान के क्षेत्र में स्टार्टअप को अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान करेगा।

यह उधमीता केंद्र प्लग एंड प्ले सुविधाएं, सहकार्य/इनक्यूबेशन स्पेस, हाई स्पीड इंटरनेट (500 एमबीपीएस), मेडी इलेक्ट्रॉनिक्स और स्वास्थ्य सूचना विज्ञान और आईओटी लैब्स, बौद्धिक संपदा अधिकारों पर सहायता, मार्केटिंग और नेटवर्क आउटरीच के लिए अन्य सुविधाओं के साथ सहायता प्रदान करेगा।
सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय और उत्तर प्रदेश सरकार के साथ साझेदारी में नवनिर्मित सुविधा को रणनीतिक रूप से पीजीआई मेडिकल सुविधा में रखा गया है, जो मेडी इलेक्ट्रॉनिक्स स्टार्टअप्स को फलने-फूलने के लिए उपयुक्त वातावरण प्रदान करेगा
मेडटेक सेंटर में पहले से ही लगभग 15 मेडटेक स्टार्टअप्स को इनक्यूबेशन के लिए चुना जा चुका है।ये स्टार्टअप उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से हैं और कुछ अन्य राज्यों से हैं, जिससे स्वास्थ्य क्षेत्र में उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थान मिला है।
यह सूचित किया जाता है कि मेडी इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र वर्तमान में $ 10 बिलियन का होने का अनुमान है और 2025 तक $ 50 बिलियन तक बढ़ने की उम्मीद है। इसमे लगभग 75-80% की जबरदस्त आयात निर्भरता है।इस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से मेडी इलेक्ट्रॉनिक्स में घरेलू स्टार्टअप इकोसिस्टम को विकसित करने और नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा निर्धारित आत्म निर्भर मिशन को बढ़ावा देने में मदद की उम्मीद है।
पिछले कुछ वर्षों में, उत्तर प्रदेश ने डिजिटल इंडिया पहल के तहत नए मानक स्थापित किए हैं।लगभग 21 करोड़ आधार नामांकन के साथ, यह राज्य भारत के डिजिटल पहचान कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहा है, जिसे दुनिया में सबसे अधिक माना जाता है।आधार का लाभ उठाकर राज्य के 15 करोड़ से अधिक लोग केंद्र/राज्य सरकार के विभिन्न कार्यक्रमों के तहत लाभान्वित हुए हैं।इसने भ्रष्टाचार, कदाचार को दूर करके और नागरिकों के लिए जीवन को आसान बनाते हुये लाभार्थियों के खातों में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण की सुविधा प्रदान की है