कुकरैल नदी के तट पर होगा रिवर फ्रंट का विकास

उत्तर प्रदेश के नगर विकास, शहरी समग्र विकास एवं गरीबी उन्मूलन मंत्री राजधानी लखनऊ स्थित, हर्बल पार्क, कुकरैल नदी, सीतापुर रिंग रोड पर कुकरैल रिवर रिवाइवल एण्ड वाटर फ्रन्ट डेवलेपमेन्ट परियोजना फेज-1 (लागत-67.65 करोड़ रूपये) एवं 15वें वित्त आयोग से डिसिल्टिंग कार्य (लागत-06 करोड़ रूपये) सहित 16 सड़कों एवं 09 नलकूपों की परियोजना का शिलान्यास किया।

इस अवसर पर श्री टंडन ने कहा कि यह उनके लिए सुखद एवं सन्तोष का दिन है जब कुकरैल नदी को पुनर्जीवित करने का उनके वर्षों का सपना मूर्तरूप लेने जा रहा है। यह नदी उपेक्षा एवं मानवीय भूलों के कारण एक नाले के रूप में परिवर्तित हो गयी है, जिसके लिए हम सभी दोषी हैं। उन्होंने कहा कि लखनऊ नगर के क्षेत्र से कुकरैल नदी में 17 बड़े तथा 34 छोटे कुल 51 नाले गिरते हैं। कुकरैल नदी को पुनर्जीवित करने के इस कार्य के प्रथम चरण के अंतर्गत रिंग रोड से गोमती नदी तक सिस साइड यानी दाएं तरफ से 9 नाले और ट्रांससाइड यानी बांई तरफ से 8 नालों को आपस में 700मिमि0 से 1600मिमि0 व्यास की 7.50 किलोमी0 आरसीसी पाइपों के माध्यम से आपस में जोड़ा जाएगा। इसके बीच में पड़ने वाले पुलों पर एमएस पाइप द्वारा टेंचलेस विधि से कार्य किया जाएगा। इन नालों को टैप करके इन्हें जोड़ते हुए एसटीपी के माध्यम से राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) के मानकों के अनुसार भरवारा स्थित 345 एमएलडी क्षमता के एसटीपी पर शोधन के उपरांत पुनः गोमती नदी में प्रवाहित किया जाएगा। इस कार्य के संपादन से कुकरैल नदी में गिरने वाले सभी प्रमुख नाले बंद हो जाएंगे तथा शारदा कैनाल के पानी को प्रवाहित कर कुकरैल नदी को स्वच्छ रखा जाएगा।
नगर विकास मंत्री ने कहा कि कुकरैल नदी के तल को स्वच्छ बनाने के लिए नगर निगम द्वारा लगभग 6 करोड़ की लागत से डीसिल्टिंग का कार्य भी साथ ही प्रारम्भ कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नदियों और जल संसाधनों के संवर्धन और संरक्षण के प्रति संवेदनशील मा0 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के कुशल नेतृत्व और मा0 रक्षा मंत्री श्री राजनाथ जी के अथक प्रयासों से, नाले में परिवर्तित वर्तमान कुकरैल को, पुनर्जीवित कर उसके प्राकृतिक स्वरूप में वापस लौटाने की योजना पर कार्य प्रारम्भ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लखनऊ के सांसद एवं रक्षा मंत्री ने सदैव नगर की नदियों को प्रदूषण मुक्त करने एवं यहां के नागरिकों को बेहतर पर्यावरण उपलब्ध कराने हेतु सतत प्रोत्साहन प्रदान करते हुए इस परियोजना हेतु भी प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) की अस्थाई गोमती प्रदूषण इकाई द्वारा क्रियान्वित की जा रही इस परियोजना के प्रथम चरण का कार्य प्रारम्भ किया जा रहा है जिसकी कुल लागत 67.65 करोड़ रूपए है। इस कार्य को अगस्त 2023 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
गोमती नदी को प्रदूषण मुक्त किये जाने वाली योजनाओं के क्रम में गाजी हैदर कैनाल पर 1090 चौराहे के पास 120 एमएलडी क्षमता के सीवेज शोधन संयंत्र का निर्माण किया जा रहा है। अमृत योजना के अंतर्गत मार्च 2021 में रू0 297.38 करोड़ की लागत से स्वीकृत इस एसटीपी का कार्य प्रगति पर है। इसके साथ लखनऊ शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सीवर लाइन का निर्माण करते हुए हाउस कनेक्शनों के कार्य भी तेजी से संपादित कराए जा रहे हैं, जिससे कुकरैल एवं गोमती नदी को प्रदूषण से मुक्त किया जा सके।
इस महत्वपूर्ण येाजना के द्वितीय चरण में कुकरैल नदी के दोनों तरफ रिवर फ्रंट विकास एवं सौंदर्यीकरण के कार्य कराये जायेगे। यह परियोजना न सिर्फ कुकरैल नदी को एक नया स्वरूप प्रदान करेगी अपितु यह परियोजना गोमती नदी को प्रदूषण मुक्त करने की दिशा में एक अभूतपूर्व कार्य है। यह परियोजना लखनऊ के प्राकृतिक सौंदर्य को भी निखारेगी और यहां के लोगों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यह कार्य बहुत तीव्र गति एवं गुणवत्ता के साथ किये जायें।
इस अवसर पर लखनऊ नगर निगम की महापौर  ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व0 अटल बिहारी बाजपेयी व पूर्व नगर विकास मंत्री स्व0 लाल जी टंडन की सोच व परिकल्पना के अनुरूप लखनऊ शहर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में कुकरैल नदी को उसका प्राचीन स्वरूप प्रदान कराने के लिए मा0 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व व मार्गदर्शन में नगर विकास मंत्री द्वारा यह परियोजना प्रारम्भ की गई है।
अपर मुख्य सचिव, नगर विकास डा0 रजनीश दूबे ने कहा कि भारत वर्ष में उत्तर प्रदेश के नगर विकास विभाग ने अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। विभिन्न योजनाओं जैसे स्मार्ट सिटी, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वानिधि योजना तथा इन्टेलीजेन्ट टैफिक मैनेजमेन्ट सिस्टम के माध्यम से प्रदेश का बहुमुखी विकास नगर विकास विभाग द्वारा किया जा रहा है।