खाण्डसारी इकाइयों से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

 
प्रदेश में गन्ने की अच्छी पैदावार के दृष्टिगत गन्ने की पेराई सुनिश्चित करने एवं लघु एवं कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने तथा रोजगार सृजन हेतु पंचवर्षीय खाण्डसारी लाइसेंसिंग नीति को मा. मंत्रि परिषद द्वारा मंजूरी दी गयी है। अब चीनी मिल से मात्र  7.5 किलो मीटर की त्रिज्यात्मक दूरी से बाहर खाण्डसारी इकाई को नया लाइसेंस प्रदान किया जायेगा। फलस्वरूप नये खाण्डसारी इकाईयों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय स्तर पर नये रोजगार सृजन के साथ ही कृषकों के अतिरिक्त गन्ने की पेराई भी सुनिश्चित  हो सकेगी।

खाण्डसारी इकाईयों के लाइसेंस प्रक्रिया को सरलीकृत करते हुए ऑनलाइन आवेदन प्राप्त करने की व्यवस्था प्रारम्भ की गयी है। इस हेतु उद्यमियों द्वारा समस्त औपचारिकताओं को पूर्ण करते हुए विभागीय पोर्टल Www.upkhandsari.in  पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का अनापत्ति प्रमाण-पत्र एवं आबकारी विभाग में पंजीयन सहित अपने समस्त अभिलेखों को अपलोड करना होगा। जिस पर 100 घण्टे के अन्दर सक्षम स्तर से निर्णय ले लिया जायेगा। 33ग46 सेंटीमीटर से अधिक आकार वाली इकाईयों को लाइसेंस निर्गत करने के पूर्व गन्ने की उपलब्धता एवं विगत 03 वर्षों में कार्यरत खाण्डसारी इकाईयों की संख्या को ध्यान में रखते हुए सक्षम स्तर से लाइसेंस प्रदान किया जाएगा। पावर क्रेषर के माध्यम से गुड़ बनाने वाली इकाईयों को लाइसेंसिंग व्यवस्था से मुक्त रखा जाएगा। प्रदेष में शीरे की तस्करी रोकने एवं उस पर प्रभावी नियंत्रण हेतु प्रदेश के अन्दर तथा बाहर खाण्डसारी शीरे/राब गलावट/राब सलावट का सम्भरण, आबकारी आयुक्त उत्तर प्रदेश द्वारा निर्गत पंजीयन प्रमाण-पत्र के आधार पर ही किया जायेगा तथा उसकी सूचना www.upexciseportal.in  पर भी अपलोड की जायेगी। 

प्रदेश में ऐसी खाण्डसारी इकाईयां जो बन्द हो चुकी हैं, उनके पुनः संचालन हेतु उनकी सुप्त अवधि एवं विलम्ब शुल्क को क्षम्य माना जायेगा। ऐसी इकाईयों द्वारा एकमुश्त लाइसेंस शुल्क जमा करने पर उनका लाइसेंस सहायक चीनी आयुक्त द्वारा नवीनीकृत किया जा सकेगा। खाण्डसारी इकाईयों को वैक्यूमपैन के अन्तर्गत सिरप ब्रिक्स को अधिकतम 65 डिग्री तक इवोपोरेट करने की अनुमति होगी। यह अनुमति प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने पर  3 कार्य दिवस में उप चीनी आयुक्त द्वारा प्रदान की जा सकेगी। गुड़ बनाने वाली इकाईयां यदि खाण्डसारी बनाने हेतु लाइसेंस प्राप्त करना चाहती हैं तो उन्हें इसके लिये अलग से आवेदन प्रस्तुत करना होगा। गुड़़ उत्पादन करने वाले पावर क्रेशर/मिनी क्रेशर की स्थापना हेतु लाइसेंस की आवष्यकता नही होगी, किन्तु ऐसी ईकाईयां नजदीकी चीनी मिल गेट से  7.5 कि.मी. की त्रिज्यात्मक दूरी के बाहर कार्य कर सकेंगी। 

लाइसेंसकृत इकाईयां अपने चलने व बन्द होने की सूचना एक सप्ताह पूर्व सम्बन्धित खाण्डसारी निरीक्षक एवं सहायक चीनी आयुक्त को तथा गन्ना पेराई/गुड़, राब एवं चीनी उत्पादन की दैनिक सूचना ऑनलाइन Www.upkhandsari.in  पर अपलोड करेंगी एवं साथ ही साथ निर्धारित दैनिक गन्ना खरीद रजिस्टर (प्रपत्र-6) में, गन्ना पेराई एवं उत्पादन तथा स्टाक रजिस्टर भी अनुरक्षित करेंगी। आनलाइन सूचना को विभाग द्वारा उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग से आनलाइन साझा किया जायेगा। 

मा. गन्ना मंत्री, श्री सुरेश राणा ने बताया कि, पंचवर्षीय खाण्डसारी लाइसेन्सिंग नीति के प्रभावी होने से ग्रामीण क्षेत्रों में खाण्डसारी एवं गुड़ इकाईयां अधिकाधिक संख्या में स्थापित होगी, तथा कृषकों के अतिरिक्त गन्ने की खपत के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे और ग्रामीण अर्थ व्यवस्था को भी मजबूती मिलेंगी।