प्रकृति के प्रति प्रेम

 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेडियो पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रम मन की बात के जरिए देशवासियों के सामने अपनी बात रखी। ये इस कार्यक्रम का 85वां एपिसोड है। ये इस वर्ष में उनका पहला मन की बात का कार्यक्रम भी है।  इस मौके पर पीएम मोदी ने बापू को नमन करते हुए उनकी बताई राह पर चलने के लिए देशवासियों से अपील की।  उन्‍होंने कहा कि आज हमारे पूज्य बापू की पुण्यति​​थि है, 30 जनवरी का ये दिन हमें बापू की शिक्षाओं की याद दिलाता है।  

        अभी कुछ दिन पहले हमने गणतंत्र दिवस भी मनाया, दिल्ली में राजपथ पर हमने देश के शौर्य और सामर्थ्य की जो झांकी देखी उसने सबको गर्व और उत्साह से भर दिया है।

      अमृत महोत्सव के आयोजनों के बीच देश में कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पुरस्कार दिए गए। इनमें से एक है प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार। ये पुरस्कार उन बच्चों को मिले जिन्होंने छोटी सी उम्र में साहसिक और प्रेरणादायी काम किए हैं। हमें अपने घरों में इन बच्चों के बारे में बताना चाहिए

     इंडिया गेट पर नेताजी की ​​डिजिटल प्रतिमा स्थापित की गई है, इसका देश ने जिस प्रकार से स्वागत किया, हर देशवासी ने जिस प्रकार की भावनाएं प्रकट कीं उसे हम कभी भूल नहीं सकते हैं। आज़ादी के अमृत महोत्सव में देश इन प्रयासों के जरिए अपने राष्ट्रीय प्रतीकों को पुन: प्रतिष्ठित कर रहा है।

     पीएम मोदी ने कहा कि हमने देखा कि इंडिया गेट के समीप अमर जवान ज्योति और पास में ही राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर प्रज्जवलित ज्योति को एक किया गया। इस भावुक अवसर पर कितने ही देशवासियों और शहीद परिवारों की आंखों में आंसू थे।

      देश में अभी पद्म सम्मान की घोषणा हुई है। पद्म पुरस्कार पाने वालों में कई ऐसे नाम भी हैं जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। ये हमारे देश के अनसंग हीरोज हैं, जिन्होंने साधारण परिस्थितियों में असाधारण काम किए हैं।

     पीएम मोदी ने कहा कि प्रकृति के प्रति प्रेम और प्रत्येक जीव के प्रति करुणा ही हमारी संस्कृति है और हमारा स्वभाव भी है। हमारी संस्कृति की एक झलक तब देखने को मिली जब मध्य प्रदेश के पेंच टाइगर रिजर्व में एक बाघिन ने दुनिया को अलविदा कह दिया। लोग इस बाघिन को कॉलर वाली बाघिन कहते थे। लोगों ने विधिवत उनका अंतिम संस्कार किया, पूरे सम्मान के साथ उन्हें विदाई दी। प्रकृति और जानवरों के लिए भारतीयों के प्यार को दुनिया भर में सराहा गया है। 

    असम की विश्व प्रसिद्ध हथकरघा पर बुनी गई मूंगा और एरी की पोशाकों में गैंड़ों की आकृति दिखाई देती है। असम की संस्कृति में जिस गैंडे की इतनी बड़ी महिमा है उसे भी संकटों का सामना करना पड़ता था। वर्ष 2013 में 37 और 2014 में 32 गैंडों को तस्करों ने मार डाला था।

   पीएम मोदी ने आगे जिक्र किया कि  लद्दाख को जल्द शानदार ओपन सिंथेटिक ट्रैक और एस्ट्रो टर्फ फुटबॉल स्टेडियम की सौगात ​मिलने वाली है। ये स्टेडियम 10 हज़ार फीट से अधिक की ऊंचाई पर बन रहा और इसका निर्माण जल्द पूरा होने वाला है। यह लद्दाख का सबसे बड़ा ओपन स्टेडियम होगा जहां 30 हज़ार दर्शक एक साथ बैठ सकेंगे।

पातालपुरी मठ में भी सुनी गई मन की बात

     पातालपुरी मठ में बालक दास जी महाराज जी के आतिथ्य में मंडल प्रभारी डॉ सुनील मिश्रा एवं मंडल अध्यक्ष संदीप चौरसिया एवं महानगर मीडिया प्रभारी किशोर कुमार सेठ के साथ मन की बात कार्यकर्ताओं एवं क्षेत्रीय नागरिकों ने सुनी।

     महानगर के 1233 बूथों पर से 1150 बूथों पर मन की बात सुनी गई। विभिन्न स्थानों पर मन की बात सुनने के दौरान महानगर अध्यक्ष विद्यासागर राय, नवीन कपूर, जगदीश त्रिपाठी, अशोक पटेल, राहुल सिंह, आत्मा विशेश्वर, डॉक्टर आलोक श्रीवास्तव, साधना वेदांती, डॉक्टर गीता शास्त्री, अभिषेक मिश्रा, इंजीनियर अशोक यादव, एडवोकेट अशोक कुमार, मधुकर चित्रांश, महानगर महिला अध्यक्ष कुसुम पटेल, कार्यक्रम संयोजक नीरज जायसवाल, महानगर मीडिया प्रभारी किशोर कुमार सेठ, नरसिंह दास, शैलेंद्र मिश्रा, शोभनाथ विश्वकर्मा, धीरज गुप्ता, मोहनिका माहेश्वरी, गीता शर्मा, सारिका गुप्ता, उषा अग्रहरि, राजेश सेठ, आलोक श्रीवास्तव, सीता घिमिरे सहित लोग उपस्थित रहे।

मंडलों में भी सुनी गई मन की बात

महानगर के सभी 13 मंडलों में क्रमशः मध्यमेश्वर मंडल में संदीप चौरसिया, काशी विश्वनाथ में नलिन नयन मिश्र, दीनदयाल में गोपाल जी गुप्ता, कैंट में अभिषेक वर्मा गोपाल, रविदास में शत्रुघ्न पटेल, श्यामाप्रसाद में जितेंद्र यादव, सारनाथ में अजीत सिंह, बागेश्वरी में सिद्धनाथ शर्मा, धूपचंडी में कमलेश सोनकर, राजर्षि में रतन मौर्य, महामना में जगन्नाथ ओझा, रामनगर में अजय प्रताप सिंह, छावनी में राम मनोहर द्विवेदी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सुनी।

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