पुलिस की कारगुजारी की परीक्षा

 

झांसी, पुलिस की कारगुजारी की परीक्षा लेने के लिए आधी रात भेष बदलकर थाने में पहुंचे एसएसपी ने मुंशी से कहा साहब मैं मध्य प्रदेश का रहने वाला हूं और रास्ते में तीन बदमाशों ने तमंचे की बट मारकर मेरी बाइक को लूट लिया है। कृपया मेरी मदद कीजिए। मुंशी हालाकि एसएसपी को पहचान नहीं पाया, लेकिन उसने सक्रियता दिखाते हुए थाने में तैनात पुलिस को इलाके में दौड़ा दिया। दरअसल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शिवहरि मीणा आधी रात को सिर के ऊपर गमछा बांधकर टहरौली थाने में पुलिस का लाईव टेस्ट लेने के लिये पहुंचे। वहां पर बैठे हुए मुंशी से उन्होंने कहा कि साहब में मध्यप्रदेश के दतिया का रहने वाला हूं और रास्ते में तीन बदमाशों ने तमंचे की बट मारकर मेरी बाइक लूट ली है। थाने पहुंचने से पहले उन्होंने काफी दूर अपनी गाड़ी खड़ी कर दी थी और सुरक्षा में तैनात रहने वाले सिपाहियों को भी वहीं पर रोक दिया था। एसएसपी ने अपना कोट उतारा और शर्ट एवं जींस में अपने सिर पर गमछा बांधकर थाने के अंदर चले गए। मुंशी से बोले मेरा नाम रामराज सिंह पुत्र सीएल सिंह है। बाइक से दतिया होते हुए मैं गुरसराय जा रहा था, रास्ते में तकरीबन 10.00 बजे सेंदरी बॉर्डर के पास तीन बदमाशों ने तमंचे की बट मारकर मेरी बाइक लूट ली है। शालीनता पूर्वक बात सुनने के बाद मुंशी ने एसएसपी की सूचना को दर्ज किया। मुंशी संदीप कुमार ने तुरंत बाइक लूट की सूचना थाना प्रभारी मनोज कुमार वर्मा को दी। पुलिस कंट्रोल रूम को भी पूरी घटना से अवगत कराया गया। कंट्रोल रूम की सूचना पर आसपास के सभी थाना क्षेत्रों में चेकिंग अभियान शुरू कर दिया गया। मुंशी के कहने पर एसएसपी ने शिकायत भी थाने में लिखकर दी, जिस पर मुंशी ने दो पुलिस वाहन एवं एक बाइक पर गश्त कर रहे पुलिस कर्मियों को सूचित किया। इसी बीच प्रभारी निरीक्षक खाना खाने के बाद थाने पहुंच गए और वह भी एसएसपी को पहचान नहीं पाए। थाना प्रभारी ने एसएसपी से कहा गाड़ी में बैठो कहां घटना हुई है देखते हैं। जैसे ही एसएसपी ने बताना शुरू किया तो प्रभारी निरीक्षक ने उन्हें आवाज से पहचान लिया और तुरंत सेल्यूट दे मारा। फिर एसएसपी ने वायरलेस सेट पर कंट्रोल रूम को अवगत कराया कि यह टेस्ट रिपोर्ट थी।