फंस गए गोपाल भैया!

 उत्तर प्रदेश के कुंडा से विधायक राजा भैया के करीबी पूर्व सांसद और निवर्तमान एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह  को बड़ा झटका लगा है. फर्जी पते पर रिवॉल्वर लाइसेंस लेने के आरोप में एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह ऊर्फ गोपाल भैया दोषी साबित हो गए हैं. एमपी/एमएलए कोर्ट ने एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह को दोषी करार दिया है और कोर्ट 22 मार्च को सजा सुनाएगी. अक्षय को 22 मार्च को सुबह साढ़े दस बजे कोर्ट द्वारा तलब किया है.दरअसल, निवर्तमान एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह पर फर्जी एड्रेस पर रिवाल्वर लाइसेंस लेने का आरोप था. उन्होंने प्रतापगढ़ का पता दिखा कर रिवॉल्वर का लाइसेंस बनवाया था. तत्कालीन कोतवाल ने 1997 में नगर कोतवाली में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था. अमेठी के जामो के रहने वाले हैं अक्षय प्रताप सिंह उर्फ गोपाल.

अक्षय प्रताप कुंडा विधायक राजा भैया के करीबी व रिश्तेदार हैं. वह प्रतापगढ़ में तीन बार से एमएलसी और एक बार सांसद रह चुके हैं. यह मुकदमा विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए (सिविल जज, सीनियर डिवीजन) एफडीसी द्वितीय की कोर्ट में चल रहा था. मंगलवार को सुनवाई के दौरान अक्षय प्रताप सिंह पेश नहीं हुए.बता दें कि जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह ऊर्फ राजाभैया ने अक्षय प्रताप सिंह ऊर्फ गोपालजी को एमएलसी उम्मीदवार घोषित किया है. पिछली बार गोपालजी सपा के टिकट पर निर्विरोध एमएलसी निर्वाचित हुए थे. कोर्ट द्वारा सजा होने पर एमएलसी चुनाव लड़ने पर ग्रहण लग सकता है.