ड्राइवर की बात पर 56 वर्षीय विधायक ने दी दसवीं की परीक्षा

ओडिशा राज्य के फूलबनी से विधायक 56 वर्षीय कन्हार ने इस उम्र में बोर्ड परीक्षा देने की मन में ठानी थी। विधिवत फॉर्म भरने के बाद कन्हार तय समय पर कंधमाल जिले में पीताबारी गांव के रुजंगी हाईस्कूल में अपनी परीक्षा देने पहुंचे। 

जहां चाह है, वहां राह है। पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती है। बीजू जनता दल (बीजद) के विधायक अंगदा कन्हार ने इस बात को साबित कर दिया है। एमएलए कन्हार  उन तकरीबन 6 लाख छात्रों में शामिल हैं जो ओडिशा शिक्षा बोर्ड की परीक्षा में शामिल हुए हैं। शुक्रवार 29 अप्रैल को ओडिशा बोर्ड परीक्षा शुरू हो गई हैं। विधायक महोदय सभी नियमों का पालन करते हुए परीक्षा के कड़े नियमों के बीच 10 वीं कक्षा की परीक्षा देने पहुंचे। 

ओडिशा माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के एक अधिकारी के मुताबिक प्रदेश में भीषण लू की स्थिति के मद्द्नेजर बोर्ड सहित दूसरी परीक्षाएं प्रात: 8 से लेकर 9:30 बजे के बीच शुरू हो जाएंगी। 

ड्राइवर ने किया पढ़ने को उत्साहित

वहीं ओडिशा राज्य के फूलबनी से विधायक 56 वर्षीय कन्हार (56) ने इस उमर में बोर्ड परीक्षा देने की मन में ठानी थी। विधिवत फॉर्म भरने के बाद कन्हार तय समय पर कंधमाल जिले में पीताबारी गांव के रुजंगी हाईस्कूल में अपनी परीक्षा देने पहुंचे । कन्हार ने परीक्षा देने के बाद पीटीआई-भाषा के संवाददाता से कहा, ''पंचायत के कुछ मेंबर्स और मेरे ड्राइवर ने एग्जॉम देने के लिए लगातार उत्साहवर्धन  किया।

कम से कम दसवीं तक पढ़ना चाहते हैं कन्हार

कन्हार ने कहा कि  मुझे ये तो नहीं पता कि मैं बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण कर पाऊंगा या नहीं, लेकिन मैं इस परीक्षा में ईमानदारी से अपना बेस्ट दे रहा हूं। कन्हार हर हाल में दसवीं कक्षा का प्रमाणपत्र हासिल करना चाहते हैं। परिणाम जो भी हो, लेकिन वो कम से कम दसवीं तक तो पढ़ना चाहते ही हैं। 

2019 में 8 वीं कक्षा की परीक्षा उत्तीर्ण की

विधायक के साथ रहने वाले एक परिचित ने ये जानकारी दी है कि कन्हार ने साल 1978 में अपनी स्कूली पढ़ाई छोड़ दी थी।  इसका बाद साल  2019 में विधानसभा सदस्यता ग्रहण करने के बाद उन्होंने 8 वीं कक्षा की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। विधायक कन्हार ने अशिक्षित लोगों के सामने एक बड़ी मिसाल पेश की है। शिक्षा किसी भी उम्र में हासिल की जा सकती है। इसमें संकोच करने की कोई बात नही है। एशिया नेट न्यूज