गन्ना विभाग की नई निर्माण-निर्देशिका जारी

उत्तर प्रदेश के आयुक्त गन्ना एवं चीनी संजय आर. भूसरेड्डी ने बताया कि गन्ना विकास विभाग के अन्तर्गत अंशदायी आधार पर सम्पर्क मार्गों के निर्माण हेतु "अन्तर्ग्रामीण सड़क निर्माण योजना" के संचालन हेतु विभाग के अन्तर्गत कार्यरत अभियन्त्रण शाखा के माध्यम से नये सम्पर्क मार्गों का निर्माण, पूर्व निर्मित सम्पर्क मार्गों का सुदृढीकरण एवं पुनर्निर्माण तथा विभागीय भवनों के निर्माण, मरम्मत एवं उनकी रंगाई-पुताई आदि कार्यों के चयन, गुणवत्ता, एकरूपता, पारदर्शिता एवं अनुश्रवण आदि के लिए नई निर्माण-निर्देशिका जारी की गयी है। 

इस सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए गन्ना आयुक्त ने बताया कि गन्ना विकास विभाग की निर्माण शाखा द्वारा गन्ना बहुल क्षेत्रों में पक्के सम्पर्क मार्गों का निर्माण कराकर गन्ना किसानों की गन्ना आपूर्ति में सहायता की जाती है जिससे क्षेत्र का सर्वांगीण आर्थिक एवं सामाजिक विकास होता है तथा कृषकों को अपने कृषि उत्पाद, स्थानीय बाजार तक ले जाने में सुविधा होती है।

नई निर्माण निर्देशिका में वर्णित प्राविधानों पर प्रकाश डालते हुए गन्ना आयुक्त ने बताया कि निर्माण कार्यों हेतु बजट की व्यवस्था के सम्बन्ध में निर्देशिका में विस्तृत प्राविधान उल्लिखित है जिसके अन्तर्गत निर्माण कार्यों को गन्ना विकास परिषद, सहकारी गन्ना विकास समिति में धन की उपलब्धता एवं प्राविधानित बजट के आधार पर कराया जायेगा। विभाग द्वारा कराये जाने वाले समस्त निर्माण कार्यों को लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप सम्पन्न कराया जायेगा। 

निर्माण निर्देशिका के अनुसार ग्रामीण सम्पर्क मार्गों का निर्माण आई.आर.सी. एवं उ.प्र. लोक निर्माण विभाग की विशिष्टियों के अनुरूप किया जायेगा। समस्त प्रकार के निर्माण कार्यों हेतु आमंत्रित की जाने वाली ई-निविदाओं में विभाग के साथ-साथ राज्य एवं केन्द्र सरकार के समस्त राजकीय विभागों में सड़क एवं भवन निर्माण कार्यों हेतु विभिन्न समतुल्य श्रेणी के पंजीकृत ठेकेदार भी गन्ना विभाग में निर्माण कार्यों हेतु ई-निविदा प्रक्रिया में प्रतिभाग करने के पात्र होंगे। गन्ना विकास विभाग की निर्माण परियोजनाओं का ठेका किसी भी अपराधिक छवि वाले व्यक्ति को नहीं दिया जायेगा। 

निर्माण कार्यों की निविदा आमंत्रण प्रक्रिया के संबंध में गन्ना आयुक्त ने बताया कि समस्त प्रकार के निर्माण कार्यों की निविदाएं ई-टेन्डरिंग प्रणाली से करायी जायेगी तथा निविदा सूचनाओं एवं निविदा प्रपत्रों  को विभागीय वेबसाईट www.upcane.gov.in  पर भी अपलोड किया जायेगा। उन्होने बताया कि सम्बन्धित अधिकारी अपने-अपने कार्यक्षेत्र के अन्तर्गत निर्माणाधीन और निर्मित कार्यों का नियमित निरीक्षण के उपरान्त विस्तृत निरीक्षण रिपोर्ट जारी करते हुये कार्य की स्थितियों का उल्लेख करेंगे। प्रत्येक निर्माण कार्य पर स्वीकृत मानकों के अनुरूप डिस्पले बोर्ड लगाया जायेगा जिसमें योजना का नाम एवं वित्तीय वर्ष, कार्य का नाम, कार्य की लागत, कार्य की लम्बाई, सम्पादित होने वाले कार्यों का विवरण, कार्य प्रारम्भ/समाप्ति की तिथि तथा अवर अभियन्ता एवं मंत्री, गन्ना विकास परिषद का नाम अंकित किया जायेगा। विभाग द्वारा निर्मित कार्यों का कम्प्यूटराईज़्ड डेटा बैंक तैयार किया जायेगा। 

निर्माण कार्यों के निरीक्षण में यदि कार्य की गुणवत्ता निम्न स्तर की पायी जाती है या त्रुटिपूर्ण मापी के कारण अधिक भुगतान हुआ पाया जाता है तो ऐसे प्रकरणों में जिम्मेदार कार्मिक एवं ठेकेदार से वसूली की कार्यवाही की जायेगी तथा भारतीय दण्ड संहिता एवं क्रिमिनल प्रोसीज़र कोड की धाराओं के अन्तर्गत दोषियों पर यथोचित दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी।

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