कृषि में जीनोम संपादन तकनीक को हरी झंडी

उ.प्र.कृषि अनुसंधान परिषद लखनऊ तथा बायोटेक कंसोर्टियम इण्डिया लिमिटेड नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में 6 जुलाई, को  आयेजित कृषि में जीनोम ,एडीटिंगःविज्ञान,सामर्थ्य और नीतियां’’विषयक एक दिवसीय कार्यशाला लखनऊ में सम्पन्न हुई। कार्यक्रम के प्रायोजक फेडरेशन ऑफ सीड इंडस्ट्रीं ऑफ इण्डिया थे। कार्यक्रम में प्रदेश के कृषि,कृषि शिक्षा ,एवं अनुसंधान के अपर मुख्य सचिव डा.देवेश चतुर्वेदी ने मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की जबकि भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली के निदेशक/कुलपति डा. ,ए.के. सिंह ने विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। केन्द्रीय औषधि ,एवं सगंध पौधा अनुसंधान संस्थान के निदेशक डा. पी.के. त्रिवेदी तथा राष्टींय पादप जैव प्रौद्योगिकी संस्थान,नई दिल्ली के निदेशक डा. ए.के.शासने ने उद्घाटन सत्र में अतिथि के रूप में प्रतिभाग करते हुये अपने विचारों को प्रस्तुत किया।

इस राष्टींय कार्यशाला के मुख्य अतिथि डा. देवेश चतुर्वेदी, कृषि, ने अपने सम्बोधन में कहा कि किसी भी नवीन तकनीक को प्रदेश के कृषि हित में बढ़ावा दिया जायेगा। इस संदर्भ में अवस्थापना सुविधायें प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालयों को दिया जाना प्राथमिकता हांगी। उन्होंने यह भी कहा कि जीनोम संपादित तकनीक के साथ-साथ प्रदेश के कृषि के सुदृढ़ीकरण हेतु उपकार के माध्यम से परियोजनायें उत्तर प्रदेश शासन को उपलब्ध कराई जाये जिसके वित्त पोषण पर विचार किया जायेगा। प्रदेश की कृषि के संदर्भ में कई मुद्दे यथा जलवायु परिवर्तन,कृषि विविधीकरण, पोषण सुरक्षण, दलहन ,एवं तिलहन फसलों का सघनीकरण इत्यादि का उल्लेख करते हुये इस तकनीकी का इन मुद्दों के संदर्भ में उपयोग किये जाने की आवश्यकता पर बल दिया।


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